सीएमओ ने ठेकेदार को लगाई जमकर लताड़ मझौली बाईपास नाले का मामला

बेतरतीब तरीके से नाला निर्माण को लेकर सीएमओ ने ठेकेदार को लगाई जमकर लताड़
मझौली बाईपास नाले का मामला : मौखिक निर्देश के बावजूद नहीं हटाए "ठूंठ", पौने दो करोड़ की लागत से हो रहा है निर्माण


सिहोरा 

मझौली बाईपास में करीब पौने दो करोड़ की लागत से हो रहे नाला निर्माण का सोमवार को मुख्य नगरपालिका अधिकारी लक्ष्मण सिंह सारस औचक निरीक्षण करने पहुंचे। मौखिक निर्देश के बावजूद ठेकेदार द्वारा नाला निर्माण के लिए काटे गए पेड़ों के "ठूंठ" नहीं हटाने को लेकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने फोन लगाकर ठेकेदार को जमकर लताड़ लगाई। साथ ही सख्त लहजे में निर्देश दिए कि तत्काल "ठूंठों" हटाओ इसके बाद ही काम शुरू करना। WEENEWS ने 16 नवंबर को "जब ठूंठ ही बचाना था तो क्यों काट दिए गए वर्षो पुराने दर्जनभर पेड़" शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।  मालूम रहे कि नाला निर्माण ठेकेदार ने बिना "ठूंठ' हटाए ही आधा अधूरा टुकड़ों में नाले का निर्माण कर दिया था जिसको लेकर क्षेत्रीय लोगों ने लगातार उन्हें फोन पर इसकी जानकारी दी थी। 



बेतरतीब निर्माण को लेकर ठेकेदार पर जमकर भड़के सीएमओ

करीब 500 मीटर की लंबाई के निर्माणाधीन नाले में शुरुआती चरण में ही नाले की ऊंचाई बढ़ी देख सीएमओ ने ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए कि आखरी यह किस तरीके का निर्माण चल रहा है। शहर के वार्डो का पानी आखिर कैसे इस नाले से बाहर निकलेगा। कई लोगों के निजी प्लाट भी इस नाले के दायरे में आ गए हैं। उन्होंने सीएमओ को फोन लगाकर बताया था कि उनके के ऊपरी हिस्से में नाले निर्माण के दौरान बाउंड्री वाल जैसी स्थिति कर दी गई है। 

आखिर कैसे निकलेगा नाले से शहर का पानी !

नाला निर्माण के दौरान ठेकेदार ने शुरुआती चरण में ही वाटर लेवल का ध्यान रखें बिना ही नाले का निर्माण कर दिया गया। इस बात का भी ध्यान नहीं रखा गया कि वादों से निकलने वाला पानी इस ओर से उस ओर जाना है। नाले का निर्माण ड्राइंग डिजाइन के अनुसार ही नहीं किया गया।

रसूखदारों के कहने पर बदलती गई नाले की डिजाइन

सूत्रों की मानें तो जिस तरीके से नाले का निर्माण ड्राइंग एवं डिजाइन के अनुसार होना था वह कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है। रसूखदारों के कहने पर ठेकेदार ने ड्राइंग एवं डिजाइन को किनारे लगा कर नाले का निर्माण कर दिया। नाला निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है सीएमओ के निरीक्षण के दौरान कई लोगों ने इसकी शिकायत उनसे की।

इनका कहना

नाला निर्माण के दौरान ठेकेदार को पेड़ काटे गए पेड़ों के "ठूंठ" हटाकर काम करने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ठेकेदार ने ठूंठ नहीं हटाए। साथ ही शुरुआती चरण में नाले की ऊंचाई बढ़ा दी गई है इससे भी व्यवस्थित करने को कहा गया है।

लक्ष्मण सिंह सारस, मुख्य नगरपालिका अधिकारी सिहोरा
Previous Post Next Post