नाली निर्माण में बाधक बना मझौली नगर परिषद का अतिक्रमण

नाली निर्माण में बाधक बना मझौली नगर परिषद का अतिक्रमण


8 माह पूर्व विधायक अजय विश्नोई ने किया था भूमि पूजन

मझौली

नगर परिषद मझौली में मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना तृतीय चरण के अंतर्गत 72 लाख की लागत से 900 मीटर नाली का निर्माण कार्य सिहोरा रोड से कटंगी रोड तक होना था, परंतु 8 माह बीत जाने के बाद भी केवल 400 मीटर नाली का निर्माण ही हो सका है। बाकी नाली का निर्माण कार्य अतिक्रमण न हटने के कारण नहीं हो पा रहा है। नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारी अतिक्रमण को हटाने में कोई भी रुचि नहीं दिखा पा रहे हैं। जिससे नाली निर्माण का कार्य अधर में लटका हुआ है।

 मुख्य सड़क के दोनों ओर अतिक्रमणकारियों के द्वारा अपना कब्जा स्थापित कर लिया गया है। जिसे हटाने में नगर परिषद मझौली के साथ-साथ शासन एवं प्रशासन भी अक्षम नजर आ रहा है। इसी प्रकार से नाली निर्माण के बाद उसकी फीलिंग के लिए ग्राम सुनवानी में स्थित खदान की मुरम से उसकी फिलिंग का कार्य होना था। परंतु नाली की फीलिंग में मुरम का उपयोग ना होकर खुले बाजार में अवैध तरीके से बाजार में बेचा गया। मुरम  किसके द्वारा खोदी एवं बेची गई इसका जवाबदार कौन है। जबकि उक्त खदान से दिन एवं रात लगातार मुरम की खुदाई होती रही। परंतु जिम्मेदार अधिकारी अपना अपना हिस्सा लेकर अपने-अपने कार्यालयों में बैठे रहे और खनन माफियाओं के द्वारा पहाड़ को छलनी कर दिया गया।
जब सब इस विषय में ठेकेदार से बात की गई तो उनके द्वारा अतिक्रमण हटने की बात बताई गई।


इनका कहना

नाली निर्माण के कार्य में अतिक्रमण बाधक बना हुआ है, परंतु अतिक्रमण को हटाकर नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है।

अमित बघेल, उपयंत्री नगर परिषद मझौली
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