टंकी निर्माण में लापरवाही मजदूरों की जान से हो रहा खिलवाड़ !

टंकी निर्माण में लापरवाही मजदूरों की जान से हो रहा खिलवाड़ !


कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना, निर्माण में घटिया रेत की शिकायत पर पीएचई इंजीनियर ने दी ठेकेदार को हिदायत

सिहोरा 

 गांधीग्राम में 125000 लीटर क्षमता की एक 16 मीटर ऊंची टंकी में निर्माण कार्य कराने वाली ठेका कंपनी की घोर लापरवाही उजागर हुई है! जिसमें कंपनी ठेकेदार बिना साइट इंजीनियर की देखरेख के ही उक्त परियोजना का निर्माण करा रहा है।  16 मीटर ऊंची टंकी के ऊपर चढ़कर निर्माण करने के लिए ठेकेदार द्वारा जो जुगाड़ और इंतजाम किए गए हैं,  वह नाकाफी हैं।  जिससे कभी भी किसी भी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

 लगभग 50 फुट ऊंची टंकी निर्माण में मजदूर अपनी जान हथेली पर रखकर काम कर रहे हैं , जबकि मजदूरों से ऊंचाई पर काम कराते वक्त निर्माणाधीन जगह के आसपास उचित सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए जो नहीं है। ऊंचाई पर काम करते वक्त आजू-बाजू एवं नीचे की ओर मजबूत नेट होना चाहिए।।जिससे ऊंचाई से गिरने पर किसी मजदूर की जनहानि न होने पाए। मौके पर पर्याप्त फर्स्ट एड बॉक्स होना चाहिए ताकि घायलों को तुरंत प्रथमोउपचार दिया जा सके। विशेषज्ञ साइट इंजीनियर एवं साइट सुपरवाइजर की देखरेख में होना चाहिए,  किंतु अकुशल मजदूरों से काम कराया जा रहा है टंकी निर्माण का जोखिम भरा काम।

टंकी के डिजाइन, एस्टीमेट का अता पता नहीं

मौके पर टंकी का डिजाइन एवं इस्टीमेट नहीं है , स्टॉफ के पास जिससे स्टीमेट अनुसार लगने  बाली निर्माण सामग्री का संतोषजनक मिलान नहीं किया जा सकता। 

इनका कहना 

 मुझे टंकी निर्माण कार्य में रेत में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। जिसकी मैंने ने ठेका कंपनी को बढ़िया रेत लगाने की हिदायत दी है। निर्माण के समय ठेका कंपनी की ओर से साइट इंजीनियर व साइट सुपरवाइजर होना जरूरी है
  हेमचंद विश्वकर्मा, प्रभारी उपयंत्री पीएचई सिहोरा
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