करोड़ों की बिल्डिंग बनी नगरपालिका का कचरा डंपिंग यार्ड

करोड़ों की बिल्डिंग बनी नगरपालिका का कचरा डंपिंग यार्ड


नियमों को ताक पर रखकर फेंकी जा रही घरों से निकली गंदगी  : एमएसडब्ल्यू कि कचरा गाड़ियां जगह जगह बना रही डंपिंग यार्ड, बीमारियां फैलने का खतरा



सिहोरा

घरों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे को डंपिंग यार्ड पर फेंका जाना चाहिए, लेकिन नगर पालिका प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से बनी बिल्डिंग को कचरे का डंपिंग यार्ड बना दिया है। घरों से निकलने वाली गंदगी और कचरे को एमएसडब्ल्यू कंपनी की गाड़ियां धड़ल्ले से यहां कचरा डंप कर रही हैं। ऐसे में यहां पर महामारी महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय दुकानदारों ने कई बार नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों से डंपिंग यार्ड से कचरा हटाने की बात कही लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे।


जानकारी के मुताबिक नगर पालिका प्रशासन द्वारा एमएसडब्ल्यू कंपनी को घर घर से कचरा कलेक्शन का काम दिया गया है। घरों से निकलने वाले कचरे को व्यवस्थित तरीके से डंप करने के लिए खितौला क्षेत्र वार्ड क्रमांक 18 में डंपिंग यार्ड बनाया गया है। लेकिन एमएसडब्ल्यू कंपनी की गाड़ियां सिहोरा के वार्ड क्रमांक 1 नया बस स्टैंड नगरपालिका के सामुदायिक भवन के बाजू से कचरे के ढेर लगा कर रख दिए हैं।



स्थानीय दुकानदारों और आम लोगों का जीना हुआ मुहाल

कचरे के कारण यहां नगर पालिका की दुकानों के दुकानदारों अभिषेक चौरसिया ,सरबर खान ,मोहम्मद रईस खान, अजहर खान, अनमोल साहू, अंशु गुप्ता, फिरोज खान, अबरार खान एवं जमील खान ने बताया कि दुकानों में बैठना तक मुश्किल हो गया है। हालात यह है कि यहां से गुजरने वाले लोग नाक पर रुमाल रखकर निकलने के लिए मजबूर हैं। दुकानदारों ने कई बार नगरपालिका के जिम्मेदार स्वच्छता विभाग के अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया लेकिन कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहा है।


कई और जगह पर बना दिए हैं कचरा डंपिंग पॉइंट

नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 1 से लेकर 18 तक घरों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे के निष्पादन के लिए वैसे तो डंपिंग यार्ड बना हुआ है लेकिन एमएसडब्ल्यू कंपनी की गाड़ियां और उनके कर्मचारी खितौला रेलवे फाटक के आगे, पुरानी कन्या शाला के पास, तहसील रोड पर कचरे के डंपिंग पॉइंट बना दिए हैं। सूत्रों की माने तो आधी एमएसडब्ल्यू की कचरा गाड़ियों में वजन बढ़ाने के नाम पर कचरे की जगह मिट्टी भरकर ले जाई जाती है ताकि कचरे का वजन बढ़ाया जा सके। इससे नगरपालिका को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। कहिए एमएसडब्ल्यू और अधिकारियों की मिलीभगत की ओर तो इशारा नहीं कर रहा है।


इनका कहना

कचरा कलेक्शन करने वाली एमएसडब्ल्यू कंपनी को निर्धारित डंपिंग पॉइंट पर ही कचरे को डंप करना है। यदि वर्ल्ड चैंपियन पॉइंट से अलग जगह पर कचरे को डंप कर रही है तो इसको लेकर कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा। 

लक्ष्मण सारस, मुख्य नगरपालिका अधिकारी सिहोरा
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