भगवान की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक : देवी प्रिया किशोरी श्री धाम वृंदावन

भगवान की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक  : देवी प्रिया किशोरी श्री धाम वृंदावन


अटल मांगलिक भवन वार्ड क्रमांक 10 में श्रीमद् भागवत महापुराण

सिहोरा

जब श्रीकृष्ण भगवान पहली बार घर से बाहर निकले तो उनकी बृज से बाहर मित्र मंडली बन गई। सभी मित्र मिलकर रोजाना माखन चोरी करने जाते थे। सब बैठकर पहले योजना बनाते किस गोपी के घर माखन की चोरी करनी है। श्रीकृष्ण माखन लेकर बाहर आ जाते और सभी मित्रों के साथ बांटकर खाते थे। भगवान बोले जिसके यहां चोरी की हो उसके द्वार पर बैठकर माखन खाने में आनंद आता है। भगवान श्री कृष्ण की माखन चोरी की लीला का बखान सिहोरा के अटल मांगलिक भवन वार्ड क्रमांक 10 में चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण में कथा व्यास से देवी प्रिया किशोरी वृंदावन धाम ने किया। उन्होंने भगवान कृष्ण के बाल रूप का सुंदर प्रकार से वर्णन किया। देवी प्रिया किशोरी ने बताया कि भगवान कृष्ण बचपन में नटखट थे। भागवत कथा के बीच-बीच में संगीतमयी भजनों की प्रस्तुती का दौर चला। इस दौरान श्रद्धालुओं ने नृत्य कर अपना भक्तिभाव प्रकट किया। श्रीमद्भागवत महापुराण के व्यासपीठ का पूजन आयोजक वार्ड क्रमांक 10 पार्षद लीला सुप्पी बर्मन और सुप्पी बर्मन ने किया।




पृथ्वी पर फैली बुराइयों का अंत करने भगवान श्री कृष्ण ने उठाया गोवर्धन पर्वत

गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए देवी प्रिया किशोरी ने कहा कि इंद्र के कुपित होने पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन उठा लिया था। इसमें ब्रजवासियों ने भी अपना-अपना सहयोग दिया। श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए राक्षसों का अंत किया तथा सामाजिक कुरीतियों को मिटाने एवं निष्काम कर्म के जरिए अपना जीवन सफल बनाने का उपदेश दिया।
Previous Post Next Post