मनमाने तरीके से चल रहा जल जीवन मिशन की टंकियों का काम, विभाग में जिम्मेदार अधिकारी ही नहीं

मनमाने तरीके से चल रहा जल जीवन मिशन की टंकियों का काम, विभाग में जिम्मेदार अधिकारी ही नहीं
प्रभारियों के भरोसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सिहोरा अनुभाग : प्रयोगशाला सहायक देख रहे उपयंत्री का कार्य 

सिहोरा 

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अनुभाग सिहोरा के अंतर्गत आने वाले सिहोरा एवं मझौली ब्लाक के 368 ग्रामों की पेयजल व्यवस्था प्रभारियों के भरोसे चल रही है। सिहोरा-मझौली ब्लाक में लगभग 3000 हैंडपंप के अलावा वर्तमान में जल जीवन मिशन अंतर्गत 60-70 नल जल योजना का काम चल रहा है। अधिकारीविहीन अनुभाग का फायदा उठाते हुए ठेकेदारों द्वारा मनमाने ढंग से कार्य किया जा रहा है। गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्यों ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहा है। शासन की मंशा अनुसार शुद्ध पेयजल मुहैया कराने सिहोरा एवं मझौली विकासखंड के प्रत्येक गांव में घर घर नल जल योजना का कार्य तेजी से चल रहा है, किंतु सबडिवीजन में उपयंत्रियों टोटा होने के कारण प्रयोगशाला सहायक उपयंत्रियों के कार्य को अंजाम दे रहे हैं, वही अनुभाग के मुखिया की बागडोर भी प्रभारी के हाथ में है।


इन्हीं पर आश्रित है गांव

ग्रामीण क्षेत्रों में जन समुदाय को सुरक्षित पीने के पानी के लिए मुख्यतः हैंडपंप व नल-जल प्रदाय योजनाओं पर ही निर्भर रहना पड़ता है। हैंडपंप व नल-जल प्रदाय योजनाओं के बंद रहने पर दूषित जल उपयोग में लाने की आशंका बनी रहती है। इससे सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होते हैं। इनमें पानी से फैलने वाले रोगों से बचने की प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है। पेयजल योजनाओं को निरंतर चालू रखना बेहद जरूरी है। शासन द्वारा पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीरता से प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।  लेकिन सिहोरा अनुभाग में पानी गुणवत्ता को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।  ज्ञात हो पानी की अशुद्धियों से कई तरह की बीमारियां होती हैं। इन अशुद्धियों को जांचने का जिम्मा पीएचई के पास है।


प्रयोगशाला नाम की, सिर्फ नाम का अमला

पीएचई के पास पानी जांच के लिए लेबोरेटरी भी है, लेकिन प्रयोगशाला सहायक उपयंत्री की बागडोर संभाले हुए हैं। पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट, आयरन, क्लोराइड जैसे तत्वों की मात्रा जांच के दौरान पता लगाया जाता है। इसके अलावा पानी की कठोरता, अम्लीयता और क्षारीयता के साथ बैक्टीरियल अशुद्धि भी पानी के पीने योग्य होने या न होना बताती है।
ग्रामीण अंचलों में पानी में कई तरह की अशुद्धियां हैं।  सिहोरा एवं अन्य मझौली 368 ग्राम पंचायतों में लगे करीब 3 हजार हैंडपंपों व अन्य जल स्त्रोतों में पानी जांच कैसा पानी आ रहा है, ये जनता को कौन बताएगा?

फैक्ट फाइल

अनुभाग में हैंडपंप- 3000
ग्राम की संख्या-  368
निर्माणाधीन नल जल योजना -60-70

स्वीकृत पद

एसडीओ -01 वर्तमान में प्रभारी के जिम्मे 
उपयंत्री-08 वर्तमान पदस्थापना निल
मैकेनिक -20 वर्तमान में 3 पदस्थ
प्रयोगशाला सहायक -दो वर्तमान में दो पदस्थ
लिपिक -दो वर्तमान पदस्थापना निल

इनका कहना 

उपयंत्रियों की कमी के कारण सुपर विजन का कार्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही स्टाफ की कमी को  लेकर शासन स्तर पर पत्र लिखा गया है।
दीपक खरे, प्रभारी एसडीओ पीएचई
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