दो साल से सोलर पैनल पड़े खराब, दस लाख का जनरेटर बना शोपीस

दो साल से सोलर पैनल पड़े खराब, दस लाख का जनरेटर बना शोपीस


दिया तले अंधेरा : 100 बिस्तरों के सिविल हॉस्पिटल में बिजली के बैकअप की नहीं है कोई भी व्यवस्था, अंधेरे में मरीजों को कराना पड़ता है इलाज

सिहोरा


अंचल के 300 गांव के इलाज का दावा करने वाला सिविल हॉस्पिटल सिहोरा बिजली के गुल होते ही घुप अंधेरे में डूब जाता है। कहने का मतलब यह है कि 100 बिस्तरों के अस्पताल में बिजली के बैकअप की कोई भी व्यवस्था नहीं है। शाम रात के समय बिजली गुल होने पर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अंधेरे में मोबाइल के टॉर्च की रोशनी से अपना इलाज करवाना पड़ता। ऐसा नहीं है कि बिजली के बैकअप के लिए संसाधन उपलब्ध नहीं। सालों पहले बिजली के बंद होने पर बैकअप की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सोलर पैनल तो लगे थे,  लेकिन करीब दो साल  से ठप्प पड़े हैं। वही 10 लाख का जनरेटर शोपीस बन कर रखा है।



सौ बिस्तरों केअस्पताल मैं बिजली के बैकअप के लिए करीब छह साल पहले बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में सोलर पैनल लगाए गए। करीब दो साल से यह सोलर पैनल पूरी तरह बंद पड़े हैं। सोलर पैनल को बदलने के लिए अस्पताल प्रबंधन की तरफ से जिले के अधिकारियों को दो बार रिमाइंडर भी भेजा गया, सोलर पैनल की बैटरी आज तक नहीं बदली गई।

जनरेटर चालू करवाने में करीब 5 लाख का खर्च

सूत्रों की मानें तो गिफ्ट में मिला जनरेटर हॉस्पिटल में रख तो दिया गया है, लेकिन इसके इंस्टॉलेशन, वायरिंग, पैनल और ऑटो कट सिस्टम पूरे हॉस्पिटल में करने के लिए करीब पांच लाख का खर्च बताया है। रोगी कल्याण समिति के पास अभी इतना पैसा नहीं है कि वह इसका वहन कर सके।


बिजली से चलने वाले यंत्र और सुविधाएं हो जाती हैं ठप्प


सिविल हॉस्पिटल सिहोरा में सर्जरी, डिलेवरी,  पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्सरे मशीन, ईसीजी, सोनोग्राफी जांच सहित अधिकतम उपकरण बिजली से ही चलते हैं। इतने बड़े हॉस्पिटल में बिजली के गुल होते ही सारे के सारे उपकरण ठप हो जाते हैं। इसके बैकअप के लिए हॉस्पिटल में कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। रात के समय यदि कोई इमरजेंसी आ जाए और उसी वक्त बिजली गुल हो जाए तो नर्स और डॉक्टर को मोबाइल के टॉर्च से घायल मरीजों का इलाज करना पड़ता है। विक्टोरिया जिला चिकित्सालय से तीन माह पहले 250 केवीए का जनरेटर सिविल हॉस्पिटल को मिला, लेकिन वह सिर्फ दान की बछिया बनकर रह गया है।

इनका कहना

जनरेटर को चालू करने में आखिर क्या दिक्कत आ रही है, इसकी जानकारी ली जाएगी साथ ही जनरेटर को जल्द से जल्द चालू किया जाएगा। जहां तक बात सोलर पैनल की बैटरी की है उन्हें भी जल्द से जल्द बदलवाने की व्यवस्था की जाएगी।


संजय मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर
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