सिहोरा के चार वार्डों में बंदरों का आतंक, माह भर में एक दर्जन घायल

सिहोरा के चार वार्डों में बंदरों का आतंक, माह भर में एक दर्जन घायल


दहशत के चलते कई जान बचाकर छत से कूदे, हाथ-पैर टूटे, वन विभाग और नगर पालिका प्रशासन एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी


सिहोरा 

नगर पालिका क्षेत्र सिहोरा के कई वार्डों में लाल और काले मुंह के बंदरों का आतंक देखने को मिल रहा है।  पिछले एक माह के दौरान करीब एक दर्जन से अधिक लोग इन बंदरों के आतंक से घायल हो चुके हैं। हालात यह है कि अपनी जान बचाने की गरज से कई लोगों ने छात्रों से छलांग लगा दी। जिसके चलते कई लोगों के हाथ पैर टूट गए। बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की बात को लेकर नगर पालिका और वन विभाग का अमला एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, लेकिन दहशत में आम लोग जी रहे हैं।




बंदर ने पैर में कांटा हुआ घाव, दहशत में बुजुर्ग

सिहोरा के कटरा मोहल्ला वार्ड क्रमांक 4 निवासी प्यारे लाल बर्मन दो सप्ताह पहले अपने घर की छत पर खड़े थे इसी दौरान काले मुंह का बंदर वहां पहुंचा। बुजुर्ग ने बंदर को भगाने की कोशिश की इसी दौरान बंदर ने उनके पैर पर काट लिया। लहूलुहान हालत में बुजुर्ग काफी देर तक छत पर पड़े रहे। पैर में बड़ा घाव हो गया और मजबूरन उन्हें इलाज कराना पड़ा।

घर का सामान बिखराया, जान बचाकर छत से कूदे

वार्ड क्रमांक छह और सात के निवासियों में बंदर की दहशत और ज्यादा देखने को मिल रही है। शिवम बैरागी और काजल रजक ने बताया कि वक्त बेवक्त बंदर कभी भी घर के अंदर घुस जाते हैं किचन में रखा सामान खाने की बात तो कम पूरी तरह बिखरा कर भाग जाते हैं। इन बंदरों के डर से कई लोगों ने तो अपनी जान बचाने की गरज से छत से छलांग लगा दी। जिसमें उनके पैर तक टूट गए। 

यहां काले बंदरों का है कोहराम

बात वार्ड क्रमांक 1 मनसकरा की जाए तो यहां काले मुंह के बंदरों का बहुत ज्यादा आतंक देखने को मिल रहा है। कच्चे मकानों के खप्पर तके आतंकी बंदर फोड़ जाते हैं। छोटे बच्चों को भी इन बंदरों ने कई बार मारने के साथ चोट भी पहुंचा दी है। दहशत के चलते लोगों ने अपने बच्चों को अब घर के आंगन में अकेला छोड़ना तक बंद कर दिया है। बंदरों को कई बार यदि कुत्तों ने भौंकने पर ये बंदर उन्हें भी कनपटी पर मारने से नहीं चूकते।
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