भूमिपूजन के आयोजनों पर पड़ी ग्रहण की छाया

भूमिपूजन के आयोजनों पर पड़ी "ग्रहण की छाया"



आनन-फानन में बदला गया कार्यक्रमों का स्वरूप, नहीं पूजन अर्चन, देव देवालय और मंदिरों के पट रहे बंद


सिहोरा

वर्ष 2022 के आखिरी ग्रहण की छाया मंगलवार को सिहोरा में होने वाले भूमि पूजन के कार्यक्रमों पर पड़ी। कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाले चंद्र ग्रहण के कारण भूमि पूजन के कार्यक्रमों में आनन फानन में परिवर्तन करना पड़ा। सूतक लगने से पूजन-अर्चन नहीं हुआ। चंद्रग्रहण के दौरान देव-देवालय और मंदिरों के पट सुबह 6:30 बजे ही बंद हो गए। लोगों ने अपने घरों में ब्रह्म मुहूर्त के दौरान ही 6:30 बजे पूजन अर्चन पूर्ण कर लिया।

सिहोरा अनुविभागीय कार्यालय (राजस्व) के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान तहसील प्रांगण में चंद्रग्रहण में सूतक लगने से पूजन पाठ नहीं हुआ। भूमि पूजन के दौरान सिर्फ स्मारक पट्टीका का अनावरण जनप्रतिनिधियों ने किया। वही 29 नवंबर से होने वाले 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भूमि पूजन चंद्रग्रहण के कारण आयोजकों ने सोमवार देर रात ही कर दिया।


देव-देवालय और मंदिरों के पट रहे बंद

कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को चंद्र ग्रहण के कारण सुबह 6:30 बजे से सूतक लग गया था। ऐसे में मंदिर के पुजारियों ने सुबह ब्रह्म मुहूर्त में मंदिरों में पूजन अर्चन का कार्य पूर्ण कर लिया। देव-देवालय-मंदिरों के पूरी तरह से बंद हो गए। घरों में भी सुबह ब्रह्म मुहूर्त के समय लोगों ने पूजन पाठ कर लिया।
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