भुगतान पाने किसान परेशान, आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा अन्नदाता

भुगतान पाने किसान परेशान, आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा अन्नदाता




सिहोरा तहसील आधा दर्जन समितियों में उपज बेचने के बाद भी किसानों के खाते में नहीं पहुंची राशि

सिहोरा 

मध्य प्रदेश की सरकार द्वारा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने खेती को लाभ का धंधा बनाने के साथ अनेक सुख-सुविधाओं देने की बात अनेक राजनीतिक मंचों से तो की जाती हैं,  परंतु हकीकत यह है की किसान को अपनी फसल उगाने से लेकर विक्रय कर उसका भुगतान पाने तक किसान को कदम कदम पर बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। जैसे तैसे किसानों ने अपनी धान की उपज उपार्जन केंद्रो में तुलवा तो दी, परंतु लंबा समय गुजर जाने के बाद भी भुगतान पाने के लिए किसान परेशान हैं। किसान खरीदी केंद्र व संबंधित बैंकों के चक्कर लगा लगा कर हैरान परेशान हैं।
बताया जाता है की खरीदी प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों के अनुसार ही ईपोओ जनरेट न होने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है, वही अभी कुछ दिनो पहले सेटेलाइट के माध्यम से हुए फसलों के सर्वे के कारण अनेक किसानों के अनेक खसरा असत्यापित होने के कारण भी किसानों का भुगतान रोक दिया गया है। जिस कारण बेबस लाचार किसान दफ्तरों के चक्कर काट काट परेशान हो रहा है और समय पर खाते पर भुगतान न आने के कारण किसानों की खेती किसानी का काम प्रभावित हो रहा है वही किसान साहूकारों के चंगुल मे फस रहा है दूसरी ओर किसान की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ रही है। जहां एक ओर उपज तुलने के 24 घंटे के बाद किसानों के खाते में भुगतान का दावा भले ही सरकार करती है, वही जमीनी  हकीकत यह है की महीना गुजरने के बाद किसानों को भुगतान प्राप्त नही हो पा रहा है। सरकारी अधिकारियों द्वारा बैठकों में फर्जी आंकड़ों की बयानबाजी करके तथ्य पेश कर दिए जाते हैं की बड़ी संख्या में किसानों को भुगतान प्राप्त हो गया परंतु हकीकत बिल्कुल विपरीत है।

इन समितियों के किसानों ने बेची धान, नहीं हुआ अभी तक भुगतान

नुंजी समिति में राजा वेयरहाउस में अपनी धान बेचने वाले सुनील पटेल 188 क्विंटल, होरीलाल पटेल 98 क्विंटल 40 किलो, जितेंद्र कुर्मी 30 क्विंटल 40 किलो, राजकुमार पटेल 78 क्विंटल, राजकुमारी पटेल 58 क्विंटल 80 किलो, मेंबर पटेल 192 क्विंटल, ओम प्रकाश पटेल 157 क्विंटल 60 किलो, ब्रह्मानंद पटेल 58 क्विंटल, शकुन बाई 179 क्विंटल का भुगतान अभी तक किसानों के खाते में नहीं आया है। इसके अलावा सिहोरा तहसील की सहजपुरा, बेला, बुढागर, कछपुरा, घाट सिमरिया, लखनपुर, नुंजी सहित अनेक संस्थाओं के लगभग दर्जनों खरीदी केंद्र संचालित हो रहे है।
कृषक संतराम पालीवाल शिवकुमार शर्मा हल्के राम विश्वकर्मा राकेश पटैल  संतोष चौरसिया मनीष पालीवाल विवेक तिवारी प्रदीप तिवारी राजेंद्र तिवारी अशोक दहायत ने कलेक्टर से ध्यान देने की मांग की है।

इनका कहना

किसानों द्वारा संबंधित समिति में धान के विक्रय के बाद सारी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। ईपीओ जनरेट नहीं होने के कारण शुरुआत में जिन किसानों ने अपनी धान का विक्रय किया था उसका भुगतान अटका हुआ है। जल्द ही ईपीओ जारी होने के साथ किसानों का भुगतान उनके खाते में हो जाएगा।

पल्लवी जैन,  कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी सिहोरा

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