गांव-गांव सुलग रही कच्ची दारू की भट्टी ,आबकारी-पुलिस घोर निंद्रा में लीन

गांव-गांव सुलग रही कच्ची दारू की भट्टी ,आबकारी-पुलिस घोर निंद्रा में लीन


कच्ची और सस्ती दारू से लोग समा रहे मौत के गाल में, गोसलपुर, सिहोरा, खितौला में कच्ची शराब बना कुटीर उद्योग

सिहोरा 

पुलिस थाना सिहोरा, खितौला, गोसलपुर, मझगवां के अंतर्गत आने वाले लगभग सौ गावों में कच्ची दारू की भट्टी निर्बाध गति से धधक रही है। खुलेआम कच्ची दारू बनाने का अवैध कारोबार बड़े लंबे समय से चल रहा है। कच्ची दारू बनाने का काम धीरे-धीरे कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है और जवाबदार आबकारी अमला अपनी आंखें मूंद कर बैठा है। यदा-कदा दिखावटी कार्यवाही कर लाहन नष्ट कर जमानती अपराध कायम कर अपनी पीठ थपथपा लेने वाला अमला इन अवैध कारोबारियों से सांठगांठ कर अपनी जेबे गर्म कर रहा है।

 कई युवाओं की हो चुकी है संदिग्ध मौत

मालूम रहे की गोसलपुर,बरनू तिराहा, शांतिनगर क्षेत्र में कच्ची दारू भटियों के पास लगभग नगर के दो से तीन युवाओं की संदिग्ध अवस्था में मौत भी हो चुकी है। जिसको लेकर धरना प्रदर्शन, आंदोलन तक किए थे। परंतु इस अवैध काम में अंकुश लगाने हेतु किसी भी जवाबदार अधिकारियों व सफेदपोश नेताओं ने
रोक लगाने की जेहमत नहीं जुटाई। 

हानिकारक केमिकल मिलाने से जहरीली हो जाती है शराब

ग्राम के प्रबुद्ध जनों का कहना है की कच्ची शराब का एक एक घूंट जहर है। बगैर किसी पैमाने के यह शराब बनाई जाती है। इसे महुआ से बनाते हैं इसमें डाइजोपाम नाइट्रावेट ऑक्सीटॉकसिन इंजेक्शन यूरिया टाटरी व अन्य प्रकार के हानिकारक केमिकल मिलाए जाते हैं इससे शराब अधिक नशीली होती है और अप्रशिक्षित लोग शराब तैयार करते हैं कोई भी केमिकल पानी या तापमान का ज्यादा या कम हुआ तो यह शराब जहर बन जाती है। जिससे लोगों की जाने जा रही है। इस कच्ची दारू के निर्माण में मिलावट का खेल बहुत तेजी से खेला जा रहा है।

पुलिस-आबकारी का संरक्षण

 पुलिस के संरक्षण में गांव-गांव धधक रही भटिया जिम्मेदार अफसरों की संजीदगी को उजागर कर रही हैं। ऐसे में मिलावटी व नकली शराब का सेवन लोगों की जान से खिलवाड व जानलेवा साबित हो रहा है। नकली व जहरीली शराब बनाने के लिए पानी के साथ मिलाए जाने वाले पदार्थ कच्ची शराब में पड़ने वाला केमिकल लोगों की जिंदगी निगल रहा है।

इन स्थानों पर धधक रही भटिया

गोसलपुर थाना क्षेत्र के गोरैया मोहल्ला, गोसलपुर शांति नगर, हृदयनगर, रामपुर,  केवलारी, टिकरिया, मडई, पिपरसरा, रानीताल, रामनगर, बेला,धमकी धमधा, देवनगर, खजुरी, रामपुर पाली टोरिया सहित अनेक गांव में बड़ी मात्रा में निर्बाध गति से कच्ची दारू बनाने का काम फल फूल रहा है।

इनका कहना 

कच्ची दारू की बिक्री व निर्माण पर रोक लगाने सिहोरा वृत्त के आबकारी उपनिरीक्षक को निर्देश दिए जाएंगे।

इंद्रेश तिवारी, सहायक जिला आबकारी अधिकारी जबलपुर
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