WEE NEWS -रोगदा में हुआ कवि सम्मेलन तथा सम्मान समारोह




जांजगीर।एन एस एस शिविर के पांचवें दिन कवि सम्मेलन का कार्यक्रम रोगदा के ग्राम वासियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ । इस कवि सम्मेलन में अंचल के कवियों ने अलग-अलग रस की कविताओं से मन मोह लिया । मिली जानकारी अनुसार एनएसएस इकाई अमोरा के पांचवें दिन सम्मान समारोह कार्यक्रम में नगर की महिला पत्रकार सीता टंडन का मीडिया क्षेत्र में दिये गये योगदान के लिए उन्हें शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया । शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए बिलासपुर के अंग्रेजी के शिक्षक मनोज सनाढ्य को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया । प्राचार्य आशीष मिश्रा ने बताया कि 27 दिसम्बर को संध्याकालीन कार्यक्रम में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था जिसमें विभिन्न रस के कवियों ने अलग-अलग रस की कविता पाठ कर माहौल रसीला बना दिया । बताया जा रहा है कि एनएसएस शिविर के पांचवें दिन सम्मान समारोह के बाद हुए कवि सम्मेलन में अकलतरा नगर की महिला पत्रकार सीता टंडन ने अपनी प्रस्तुती दी । कवि सम्मेलन की शुरुआत में अंचल के प्रसिद्ध लोक गीत कलाकार सूरज श्रीवास तथा लक्ष्मी करियारे द्वारा सरस्वती वंदना गाया गया । इस कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रगतिशील लेखक मंच के अध्यक्ष बोधीराम साहू ने अकलतरा क्षेत्र की महिला पत्रकार तथा नव कवियत्री सीता टंडन को सबसे पहले मंच पर कविता पाठ के लिए आमंत्रित किया

। सीता टंडन ने आरक्षण पर अपनी कविता " हा मैं इस अपाहिज व्यवस्था की टूटन को ढो रहा हूं । मैं आम आदमी हू इस व्यवस्था की टूटन को ढो रहा हूं " पढ़ कर सुनाई । अंचल के प्रसिद्ध कवि और छत्तीसगढ़ी फिल्मों के गीतकार अनुभव तिवारी ने भारत माता की जयगान कविता सुनाई और लोगों को देशभक्ति के रंग में रंग दिया । मंच संचालन कर रहे बोधीराम साहू ने युवाओं के हाईटेक नशे व्हाटसअप प्रेम पर व्यंग्य करते हुए सबसे ज्यादा नशा व्हाटसअप में बताया जिस पर लोगों ने बहुत आनंद लिया वीर रस के कवि ललित उपाध्याय ने ओजरस से भरी कविता के साथ हास्यरस की कविता भी सुनाई । इसके साथ लोक गायक सूरज श्रीवास ने भी हास्य-व्यंग्य कविता से लोगों का मनोरंजन किया । व्यंग्य के कवि राजकिशोर धीरही ने वर्तमान में चल रहे बफर सिस्टम जो कभी अंग्रेजी के सफर की तरह सफर सिस्टम बन जाता है , पर अपनी व्यंग्य कविता सुनाई । छत्तीसगढ़ी गीतकार संतोंष कश्यप ने अगहन पूस की किटकिटाती ठंड पर कविता पढ़कर रीतिकालीन कवियों के बारहमासा वर्णन की याद दिला दी । इस इस कवि सम्मेलन में अंचल के कवियों ने अपनी विभिन्न रस की कविताओं से ग्रामीणों का मन मोह लिया कार्यक्रम के अंत में शाला के प्राचार्य आशीष मिश्रा ने हाईवे कवियों तथा अन्य अतिथियों का आभार प्रकट किया और इस कार्यक्रम में सहयोग करने के लिए सभी का धन्यवाद दिया । कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा एनएसएस कार्यक्रम प्रभारी संजय यादव ने सबको पुनः धन्यवाद देते हुए किया ।
Previous Post Next Post
Wee News