भारतीय नारियों की उद्धारक देश की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री फुले का जन्मदिन धूमधाम से केक काटकर मनाया

भारतीय नारियों की उद्धारक देश की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री फुले का जन्मदिन धूमधाम से केक काटकर मनाया


सिहोरा 

 ब्रिटिश शासन के समय भारतीय महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली,महिलाओं की सुरक्षा के लिए बाल हत्या प्रतिबंधक गृह सेंटर खोलने वाली,सन 1848 में महाराष्ट्र के पुणे शहर में देश के सबसे पहले बालिका स्कूल की स्थापना,गर्भवती महिलाओं के लिए आश्रम खोलने वाली एवं नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता देश की पहली महिला शिक्षिका महान समाजसेविका,सभी वर्गों की नारियों की शिक्षा के उत्थान में अहम भूमिका निभाने वाली  भारत की प्रथम महिला शिक्षिका राष्ट्र माता  सावित्री बाई फुले जी की जयंती का कार्यक्रम 191 वें जन्म दिवस के अवसर पर किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आयुषमति सविता हरि सिंह धुर्वे सचिव कृषि उपज मंडी समिति सिहोरा द्वारा राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले जी की तस्वीर पर तिलक वंदन माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों  द्वारा माताजी की तस्वीर पर तिलक वंदन,माल्यार्पण किया गया। इसके बाद संयुक्त भीम परिवार की ओर से सभी  अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत  शिक्षिका श्रीमती किरण कोल जी के द्वारा माताजी के व्यक्तित्व पर सारगर्भित उदबोधन दिया गया।जिनके अनुसार माता जी का जन्म 3 जनवरी 1831 एवं महापरिणिर्वाण 10 मार्च 1897 को होना बताया गया । माताजी का सम्पूर्ण जीवन संघर्षों से भरा रहा जिसमें उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी नारी के उत्थान के लिए अतुलनीय प्रयास किए जो सफल हुए।इसके बाद बारी बारी से सभी विशिष्ट अतिथि श्रीमती अनसूया कोल ब्रज कुमारी तेकाम क्रांति बैगा  पूजा बेगा माया चौधरी निशा नामदेव  अतिथियो माता सावित्री फुले के जीवन के ऊपर अपने-अपने विचार रखें। आयुष्मति सरोज चौधरी उच्चतर माध्यमिक शिक्षिका एवं समाजसेवी बबीता गोटियां द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन एवं जन्मदिन का केक काटकर सभी को वितरण किया गया । कार्यक्रम में बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम पेश किए गए जिससे बच्चों में एक अलग ही उत्साह उमंग देखने को मिली।इस अवसर पर मुख्य अतिथि आयुषमति सविता हरि सिंह धुर्वे द्वारा भी बच्चों को माता जी के विचारों को अपने जीवन में अपनाते हुए आगे बढ़ने नित नए आयामों को स्थापित करने की बात कही।कार्यक्रम को सफल बनाने  में  सोनियो आरती रावते जमुना रैदास सीमा चौधरी मौला चौधरी अंजू रैदास गोपाल कोल के एल रैदास दिलीप मार्को पटवर्धन सोमदेव  सुरेश बैगा पूरन कोल जानकी गोटिया शिक्षक की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही श्रीमती  बविता कोल शिक्षिका मंगेली कटनी द्वारा सभी के प्रति आभार  व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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