सिहोरा को जिला घोषित करने के आंदोलन को मिल रहा सत्ता का साथ विधायक सहित वरिष्ठ भाजपाई

सिहोरा को जिला घोषित करने के आंदोलन को मिल रहा सत्ता का साथ
विधायक सहित वरिष्ठ भाजपाई 25 जनवरी को करेंगे मुख्यमंत्री से मुलाकात


सिहोरा

 सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर विगत 3 अक्टूबर 2021 से चल रहा आंदोलन अब जनांदोलन का रूप लेता जा रहा है।सिहोरा तक सीमित रही यह मुहिम अब कटनी जिले के ढीमरखेड़ा, पान उमरिया, सिलोंडी और मझगवां तक फैल चुकी है।आगामी 22 जनवरी को सिलोंडी में आमसभा और 26 जनवरी को ढीमरखेड़ा से सिहोरा तक पदयात्रा आंदोलन को व्यापक बनाएंगे।आंदोलन के होते विस्तार और मिल रहे जनसमर्थन से सिहोरा के वरिष्ठ भाजपाई आगे आए है और अब उन्होंने सिहोरा विधायक को भी सिहोरा जिला बनाने की पहल करने हेतु तैयार कर लिया है।

पूर्व विधायक ने की अगुवाई

 सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर पिछले एक वर्ष चार माह से लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति आंदोलन कर रही है।इतने दिनों में आंदोलन कारियों ने अनेक बार सत्तारूढ़ भाजपा को साथ लाने का प्रयास किया पर भाजपा ने सदैव सिहोरा जिला मुद्दे से अपनी दूरी बनाए रखी।पूर्व विधायक दिलीप दुबे ने विगत दिवस अनेक वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ विधायक नंदनी मरावी की बैठक आंदोलन कारियों से कराई जिसमे विधायक नंदनी मरावी सिहोरा जिला मुद्दे पर अगुवाई को तैयार हो गई।

25 जनवरी को मुख्यमंत्री से मुलाकात

लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी 25 जनवरी की रात्रि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जबलपुर प्रवास पर होंगे ।इसी दौरान विधायक सिहोरा की अगुवाई में वरिष्ठ भाजपाई और लक्ष्य जिला सिहोरा के सदस्य सैकड़ो की संख्या में जबलपुर सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री से सिहोरा को जिला घोषित करने की मांग रखेंगे।

क्या है सिहोरा जिला का इतिहास

21 अक्टूबर 2001 को तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने सिहोरा को जिला घोषित किया।
11.07.2003 को सिहोरा जिला संबंधी राजपत्र म प्र सरकार द्वारा जारी किया गया।
01.10.2003 को म प्र सरकार की कैबिनेट में सिहोरा जिला की मंजूरी मिली।
आचार संहिता के चलते 26.01.2004 से सिहोरा जिला अस्तित्व में लाने का निर्णय हुआ
05.06.2004 को तत्कालीन मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने नवंबर 2004 से सिहोरा जिला गठन की घोषणा की।
तब से सिहोरा में लगातार भाजपा विधायक है और प्रदेश में भाजपा की सरकार पर बीते 22 वर्षो में सिहोरा जिला के प्रति सत्तारूढ़ सरकार ने कोई रुचि नही दिखाई।
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