Raipur : राजधानी रायपुर में उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। भगवान का दर्जा पाने वाले डॉक्टर अगर मरीज की सेहत के साथ खिलवाड़ कर पैसे लूटने लगे तो फिर क्या होगा? आम जनता गरीब जनता कहां जाएगी। यह सबसे बड़े फर्जी वाले का खुलासा ग्रैंड न्यूज़ के टीम ने किया।
दरअसल, बात यह है की चंदखुरी से एक व्यक्ति जो की रामचरण वर्मा मामूली से पेट दर्द का इलाज कराने राजधानी पहुंचा था। दिसंबर में उसे अस्पताल में एडमिट किया गया और अब 2 महीने बाद उसकी हालत नाजुक है और अस्पताल वालों ने 18 लाख रुपए का बिल बनाया गया है। परिवारजनों ने अस्पताल और डॉक्टर विनोद सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा की जो ट्रीटमेंट होनी चाहिए थी वह बिल्कुल नहीं हुई, बिना हमारे जानकारी के आयुष्मान कार्ड से ढाई लाख रुपए से ज्यादा निकाल लिए गए और हमें ₹40000 निकाला गया बताया। वही मेडिकल और दवाई का खर्चा मिलकर 15 लाख रुपए बताया गया और जब अब कंडीशन खराब हो गई है। मरीज देख नहीं पा रहा है, बोल नहीं पा रहा है और न ही चल पा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा है बकाया बिल ₹5 लाख रुपए को जमा करके मरीज को ले जाना। वही डॉक्टर और परिजनों से बात हुई तो डॉक्टर ने मरीज के परिजनो को धमकी देते हुए कहा कि हम तुम्हें देख लेंगे और तुम पर FIR भी करेंगे।
वहीं परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज ढंग से नहीं किया बल्कि पैसा कमाने का जरिया हमें बनाया। आज जब ग्रैंड न्यूज़ की टीम अस्पताल पहुंची। सभी परिजन बाहर खड़ा हुए मिले। परिजनों ने बताया कि प्रबंधन ने हमें बाहर निकाला है और पैसा जमा करने की बात कही है। ग्रैंड न्यूज़ की जब टीम ने अस्पताल के अंदर जाने की बात रखी तो अस्पताल प्रबंधक द्वारा ग्रैंड न्यूज़ के टीम को रोका गया और धक्का मुक्की की गई। इस पूरे मामले में यही लगता है की कोई भी हॉस्पिटल का जिम्मेदार व्यक्ति बात करने सामने नहीं आ रहा है इससे यह सिद्ध होता है दाल में कुछ काला है।