राजस्व विभाग की लापरवाही से फल-फूल रहा अवैध खनन का खेल गिदुरहा में तालाब की आड़ में आयरन ओर की खुदाई, दूसरा हाइवा अब भी पकड़ से दूर
सिहोरा।
सिहोरा तहसील के ग्राम गिदुरहा में विधायक निधि से स्वीकृत तालाब में अवैध खनन का मामला एक बार फिर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। आयरन ओर जैसे कीमती मेजर मिनरल्स की खुलेआम खुदाई और परिवहन के बावजूद विभाग अब तक पूरी कार्रवाई नहीं कर पाया है, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। मामले में राजस्व विभाग ने अवैध उत्खनन और परिवहन का प्रकरण दर्ज कर रिपोर्ट जबलपुर कलेक्टर को भेज दी है, लेकिन आयरन ओर से भरे दूसरे हाइवा का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार खनन माफियाओं ने पोकलिन मशीन से लगभग 30×30 फीट क्षेत्र में 5 से 8 मीटर गहरी खाई बना डाली। बताया जा रहा है कि तालाब के नीचे आयरन ओर की प्रचुरता की जानकारी पहले से होने के कारण सुनियोजित तरीके से खुदाई की गई। ग्राम पंचायत गिदुरहा के खसरा नंबर 708, लगभग ढाई हेक्टेयर क्षेत्र में वर्ष 2021 में तालाब स्वीकृत हुआ था। निर्माण अधूरा रहने के बावजूद 2022-23 में भी यहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन हुआ था, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी रही। बताया जा रहा है कि पोकलिन मशीन दशमन निवासी कपिल प्यासी की है, जबकि एक हाइवा स्लीमनाबाद निवासी दीपक गुप्ता का है। दूसरे हाइवा के मालिक का अब तक पता नहीं चल पाया है, जो जांच की सुस्ती को उजागर करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक आयरन ओर की नीलामी केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों में होती है, ऐसे में वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाए तो शासन को भारी राजस्व मिल सकता है, लेकिन लापरवाही के चलते संसाधनों की खुलेआम लूट जारी है। इनका कहना ग्राम पंचायत गिदुरहा में विधायक निधि से स्वीकृत तालाब में आयरन ओर की अवैध खुदाई के मामले में प्रकरण दर्ज कर कलेक्टर जबलपुर को भेज दिया गया है। वहीं दूसरे हाइवा मालिक का पता लगाया जा रहा है। — जयभान सिंह उइके, नायब तहसीलदार सिहोरा