सिहोरा में स्व-सहायता समूह घोटाला: लाखों के गबन पर अध्यक्ष व व्यापारी के खिलाफ FIR
जांच समिति की रिपोर्ट से खुलासा—खाते से मनमाना आहरण, 28.80 लाख तक संदिग्ध भुगतान
सिहोरा
सिहोरा जनपद क्षेत्र के ग्राम अमगवां स्थित पंचशील ग्राम संगठन और राधा स्व-सहायता समूह में बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत सिहोरा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशा देवी पटले ने थाना खितौला पहुंचकर अध्यक्ष कंचन नामदेव और व्यापारी विकास जैन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई। यह कार्रवाई जिला पंचायत जबलपुर (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन शाखा) से प्राप्त पत्र के आधार पर की गई।
जांच समिति का गठन पूर्व में 4 नवंबर 2025 को किया गया था, जिसने वर्ष 2018 से सीएलएफ वसुंधरा और उससे जुड़े ग्राम संगठनों व स्व-सहायता समूहों के खातों की जांच की। दस्तावेजों और बैंक स्टेटमेंट के परीक्षण में सामने आया कि कंचन नामदेव ने अध्यक्ष पद का दुरुपयोग करते हुए 4.20 लाख रुपये स्वयं के नाम, 2 लाख रुपये अन्य नामों से तथा 40 हजार रुपये नगद आहरित किए।
इसके अलावा अरिहंत रोडलाइन और विकास जैन के माध्यम से लाखों रुपये का लेन-देन किया गया। विशेष रूप से 26.85 लाख की प्राप्त राशि के विरुद्ध 28.80 लाख रुपये विकास जैन को भुगतान किया जाना गंभीर अनियमितता पाया गया। राधा समूह से भी 1.15 लाख नगद और 4.75 लाख स्वयं के नाम सहित अन्य खातों में राशि निकाली गई।
जांच में गबन और मिलीभगत की पुष्टि होने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।