गरियाबंद । CG NEWS: गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में अवैध शिकार की एक बड़ी कोशिश को एंटी पोचिंग टीम ने समय रहते नाकाम कर दिया। परिक्षेत्र इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर के पीपलखूंटा सर्कल में नियमित गश्त के दौरान वन अमले ने तीन संदिग्धों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपी ओडिशा के नवरंगपुर जिले के ग्राम अछला के निवासी हैं, जो गोड़ेना जलप्रपात के बहते पानी को फावड़े से रोककर उसमें जंगल से लाए गए जहरीले पत्ते मिला रहे थे। उनका उद्देश्य पानी को विषैला बनाकर बड़ी मात्रा में मछलियों और अन्य जलीय जीवों का शिकार करना था।
एंटी पोचिंग टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद गरियाबंद पुलिस के सहयोग से विधिवत कार्रवाई की गई।
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ पी.ओ.आर. प्रकरण क्रमांक 16/393 दिनांक 25 अप्रैल 2026 दर्ज कर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 2, 27, 29, 50 और 52 के तहत मामला कायम किया। आरोपियों को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी देवभोग के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया।
उप निदेशक वरुण जैन और सहायक संचालक गोपाल सिंह कश्यप के मार्गदर्शन तथा परिक्षेत्र अधिकारी सुशील कुमार सागर की रणनीति में यह कार्रवाई सफल रही।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार, कटाई या अतिक्रमण की किसी भी गतिविधि पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि ओडिशा, महाराष्ट्र और बस्तर क्षेत्र को जोड़ने वाले टाइगर कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए भी अहम मानी जा रही है।