जांजगीर-चांपा। CG NEWS: जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा में करीब ढाई महीने पहले हुई अमित भंडारी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है। मामले में महिला समेत तीन आरोपियों—बजरंग सिंह क्षत्रिय, पप्पू सिंह क्षत्रिय और संतोषी सिंह क्षत्रिय—को गिरफ्तार किया गया है। वारदात में इस्तेमाल फावड़ा भी बरामद किया गया है।
रात 1:30 बजे तक फोन पर बातचीत, फिर 2:30 बजे मिलने पहुंचा
पुलिस के मुताबिक अमित भंडारी और संतोषी सिंह के बीच शादी से पहले से प्रेम संबंध था। शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रही। घटना वाली रात दोनों के बीच करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बातचीत हुई। इसके करीब एक घंटे बाद यानी लगभग 2:30 बजे अमित संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह, जो टेंट का काम खत्म करके घर लौटा था, घर के पीछे पहुंचा। वहां उसने अपनी बहन के साथ अमित को देख लिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
भागने की कोशिश… लेकिन फावड़े ने रोक दी जिंदगी
पुलिस के अनुसार विवाद के दौरान मारपीट हुई। अंधेरे में अमित का सिर पीछे दीवार से टकराया। इसके बाद वह जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान पास पड़े छोटे फावड़े से बजरंग सिंह ने अमित के सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौके पर ही मौत हो गई।
घर के पीछे छिपाई लाश, फिर बनाया गुमराह करने का प्लान
हत्या के बाद मामला छिपाने की कोशिश शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे स्थित बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया। संतोषी ने भी शव छिपाने में मदद की।
अगले दिन बजरंग के बड़े भाई पप्पू सिंह को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई गई। आरोपियों ने अमित को तलाशने का नाटक किया और उसके परिजनों के साथ थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी शामिल हुए।
पुलिस के मुताबिक बाद में मौका देखकर रात करीब 12 बजे शव को वहां से हटाकर दूसरी जगह ले जाया गया। 29 जून को अमित का शव गांव में तालाब के पास बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
दो महीने तक नहीं खुला राज, फिर SIT ने पलट दी पूरी जांच
करीब दो महीने तक हत्या की गुत्थी नहीं सुलझ सकी। इसके बाद 3 सितंबर को एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नए सिरे से जांच के लिए एसआईटी गठित की। चेक पोस्ट स्थापित कर जांच को आगे बढ़ाया गया।
इसके बाद पुलिस ने सिर्फ पूछताछ पर भरोसा नहीं किया, बल्कि तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। CDR, IPDR, टावर डंप, GPS लोकेशन, CCTV फुटेज और घटना के समय संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।
डॉग ‘विमला’ ने दिखाई पहली बड़ी लीड
जांच में बिलासपुर से लाई गई प्रशिक्षित ट्रैकर डॉग विमला की भूमिका भी अहम रही। रिपोर्ट के मुताबिक शव की गंध लेने के बाद डॉग विमला आरोपी संतोषी के घर पहुंचकर वहां बैठ गई। इससे पुलिस को जांच में एक महत्वपूर्ण दिशा मिली।
इसके बाद संदिग्धों से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार उनके बयानों में बार-बार बदलाव सामने आया। जांच को आगे बढ़ाते हुए नार्को टेस्ट, पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग से जुड़े परीक्षणों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। संतोषी के नार्को टेस्ट के बाद पुलिस ने दोबारा पूछताछ की, जिसमें कथित तौर पर घटनाक्रम सामने आया।
तीनों गिरफ्तार, फावड़ा भी बरामद
पुलिस ने बजरंग सिंह क्षत्रिय, पप्पू सिंह क्षत्रिय और संतोषी सिंह क्षत्रिय को गिरफ्तार किया है। संतोषी और पप्पू को न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि बजरंग से आगे फॉरेंसिक जांच की कार्रवाई की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल फावड़ा भी पुलिस ने बरामद किया है।
इस तरह करीब ढाई महीने तक अंधेरे में रही अमित भंडारी हत्याकांड की कहानी तकनीकी जांच, पूछताछ और ट्रैकर डॉग की अहम लीड के बाद खुली—जिसमें पुलिस के मुताबिक आधी रात का प्रेम प्रसंग आखिरकार एक खूनी वारदात में बदल गया।