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LIFESTYLE: तपती गर्मी में सूखते पौधों के लिए 6 घरेलू उपाय, गार्डनिंग एक्सपर्ट की सलाह

24 May 2026 | JAY SHANKAR PANDEY | 8 views
LIFESTYLE: तपती गर्मी में सूखते पौधों के लिए 6 घरेलू उपाय, गार्डनिंग एक्सपर्ट की सलाह

LIFESTYLE: मई-जून की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान पौधों पर भी बुरी तरह पड़ता है। तेज गर्म हवाओं और पानी की कमी के कारण अक्सर इस मौसम में हरे-भरे पौधे भी सूखने या झुलसने लगते हैं। कई बार लोग समझ नहीं पाते कि इस मौसम में पौधों की देखभाल कैसे करें और अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे पौधा पूरी तरह मर जाता है।

गार्डनिंग एक्सपर्ट्स ने इस चिलचिलाती गर्मी से पौधों को सुरक्षित रखने और उन्हें दोबारा हरा-भरा बनाने के लिए 6 बेहद आसान और मुफ्त के देसी जुगाड़ बताए हैं। इन उपायों को अपनाकर आप बिना पैसे खर्च किए अपने होम गार्डन को सूखने से बचा सकते हैं। तो चलिए इन्हें इस्तेमाल करने का सही तरीका जानते हैं।

ग्रीन नेट या कपड़े का जुगाड़​तेज धूप से पौधे को बचाने के लिए छांव वाली जगह पर शिफ्ट कर दें। अगर आपके पास पौधों को हटाने की जगह नहीं है, तो गार्डन के ऊपर ‘ग्रीन नेट’ लगाएं। अगर आप पैसे खर्च नहीं करना चाहते, तो घर में रखी किसी पुरानी सूती साड़ी, धोती या पतली चादर की मदद से पौधों के ऊपर छांव कर दें। यह मुफ्त का जुगाड़ पौधों को सीधी धूप से बचाएगा। वेस्ट कार्डबोर्ड से करें मल्चिंग मल्चिंग एक ऐसी तकनीक है जिससे गमले की मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है और पानी तुरंत भाप बनकर नहीं उड़ता। इसके लिए बाजार से कुछ खरीदने की जरूरत नहीं है। आपके घर में सामान के साथ आने वाले जो खाली कार्डबोर्ड होते हैं, उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।

अब इन टुकड़ों को गमले की मिट्टी के ऊपर चारों तरफ अच्छी तरह बिछा दें। इसके बाद ऊपर से पानी डाल दें। यह कार्डबोर्ड सूरज की गर्मी को सीधे मिट्टी तक नहीं पहुंचने देगा और मिट्टी में ठंडक बनी रहेगी। शाम के समय करें मिस्टिंग रोज शाम को सूरज ढलने के बाद पौधों की पत्तियों और तनों पर पानी का अच्छे से छिड़काव करें। इसके लिए आप किसी स्प्रे बोतल का इस्तेमाल कर सकते हैं या पाइप के आगे उंगली दबाकर फव्वारा बना सकते हैं। शाम को मिस्टिंग करने से पौधों के आसपास का तापमान कम हो जाता है, उन्हें जरूरी नमी मिलती है और वे रात भर की ठंडक में दोबारा फ्रेश हो जाते हैं।


JAY SHANKAR PANDEY
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