बिलासपुर।बिलासपुर जिले और संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भारतीय डाक विभाग ने एक अहम और बड़ी पहल की है। अक्सर डाक या पार्सल के पहुंचने में होने वाली देरी अब बीते दिनों की बात होने वाली है। बिलासपुर डाक विभाग ने अपनी सेवाओं को हाईटेक और सुपरफास्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 'रोड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क' (RTN) का विस्तार किया है। 18 अप्रैल 2026 से जिले और संभाग के चार नए प्रमुख ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों में आरटीएन सेवा का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है।
डाक विभाग की इस नई कवायद से न सिर्फ डाक संचार सुदृढ़ होगा, बल्कि दूरस्थ अंचलों में डिलीवरी की रफ्तार भी कई गुना बढ़ जाएगी। बिलासपुर रेलवे मेल सर्विस (RMS) से अब सीधे लोरमी, जैजैपुर, मरवाही और भैसमा उप डाकघरों तक यह विशेष रोड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क काम करेगा। इस सेवा के शुरू होने से पार्सल और चिट्ठियों का त्वरित आदान-प्रदान, रियल-टाइम ट्रैकिंग और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित हो सकेगी।
विभाग ने पूरे इलाके को एक व्यवस्थित नेटवर्क में पिरोया है, जिससे कोई भी बड़ा गांव या कस्बा डाक विभाग की इस फास्ट सर्विस से अछूता न रहे:
लोरमी रूट:
बिलासपुर आरएमएस से लोरमी उप डाकघर तक जाने वाले इस नेटवर्क में बिलासपुर आरएस, चकरभाठा, बिल्हा, पथरिया, तखतपुर और मुंगेली को कनेक्ट किया गया है।
जैजैपुर रूट: इस महत्वपूर्ण मार्ग पर मस्तूरी, जयरामनगर, गोपालनगर, नरियरा, पामगढ़, खरोद, शिवरीनारायण, बिर्रा, बम्हनी बाजार होते हुए जैजैपुर उप डाकघर तक निर्बाध सेवाएं मिलेंगी।
मरवाही रूट: आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र के लिए सकरी, गनियारी, करगी रोड, बेलगहना, पेंड्रा रोड और पेंड्रा होते हुए मरवाही को आरटीएन से जोड़ा गया है।
भैसमा रूट: औद्योगिक और ऊर्जाधानी वाले इस बेल्ट में कोनी, रतनपुर, पाली, कटघोरा, पोड़ी उपरोड़ा, जमनीपाली, बालको नगर और कोरबा हेड ऑफिस (एचओ) होते हुए भैसमा उप डाकघर को नेटवर्क में शामिल किया गया है।
जल्द शुरू होंगे कुछ और नए रूट
डाक विभाग का विजन केवल इन चार रूटों तक सीमित नहीं है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बहुत जल्द चंद्रपुर और डब्ल्यूसीएल (WCL) गेवरा मार्ग के लिए भी रोड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क सेवा की शुरुआत की जाएगी। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जल्द ही इन क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिलने लगेगा।
ई-कॉमर्स और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूम
बदलते वक्त के साथ भारतीय डाक विभाग भी खुद को तेजी से अपग्रेड कर रहा है। आज के डिजिटल युग में गांवों में भी ऑनलाइन शॉपिंग और ई-कॉमर्स का चलन तेजी से बढ़ा है। आरटीएन सेवा के विस्तार से क्षेत्रीय स्तर पर पार्सल और स्पीड पोस्ट की डिलीवरी निजी कूरियर कंपनियों की तरह ही तेज रफ्तार से होगी। ग्रामीणों को अब अपने जरूरी दस्तावेज, दवाइयां या ऑनलाइन मंगाए गए सामान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इससे स्थानीय व्यापारियों, छोटे उद्यमियों और आम ग्रामीणों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर डाक सेवाओं की मॉनिटरिंग भी आसान हो जाएगी। भारतीय डाक विभाग ने क्षेत्र के आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस आधुनिक और तेज सेवा का अधिकतम लाभ उठाएं और विभाग को और अधिक सशक्त, सुरक्षित व बेहतर बनाने में अपना सहयोगात्म
क योगदान दें।