गरियाबंद। CG Crime : वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम बेहद आक्रामक नजर आ रही है। टीम ने ओडिशा सीमा के भीतर घुसकर 5 शिकारियों को गिरफ्तार किया है, जो तीर-धनुष और गुलेल के जरिए उड़न गिलहरी और कोटरी जैसे दुर्लभ वन्यजीवों का शिकार कर रहे थे।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण पाण्डे और क्षेत्र संचालक सतोविशा समाजदार के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। उप निदेशक वरुण जैन ने बताया कि इंदागांव (घुरवागुड़ी) बफर के पीपलखूंटा बीट में गश्त के दौरान ओडिशा के नवरंगपुर जिले से आए शिकारियों का पता चला।

पुलिस की टीम ने चमरु कमार (ग्राम-अछला, ओडिशा), मनीराम पारधी (ग्राम-अछला, ओडिशा), गुड्डू कमार (ग्राम-अछला, ओडिशा), लखमु पारधी (ग्राम-अछला, ओडिशा), हिरासिंग कमार (ग्राम-कोलिहाडबरी, ओडिशा) को भरमार बंदूक के साथ गिरफ्तार किया है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर ग्राम कोलिहाडबरी से एक भरमार बंदूक बरामद की गई है। साथ ही फरार आरोपी के घर से वन्यप्राणी (कोटरी) का कच्चा मांस भी जब्त किया गया। वन विभाग ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं (9, 27, 29, 31, 39, 50, 51, 52) के तहत केस दर्ज किया है। माननीय न्यायालय देवभोग के आदेश पर आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में सहायक संचालक गोपाल सिंह कश्यप, परिक्षेत्र अधिकारी सुशील कुमार सागर, चंद्रबली ध्रुव और उनकी टीम के साथ-साथ ओडिशा (नवरंगपुर) वनमंडल के ए.सी.एफ. सुभाष बुटिया और अन्य वन कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। फिलहाल 05 अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।