रायपुर। CG NEWS: छत्तीसगढ़ के पौने आठ लाख के करीब दिव्यांगों के लिए ये खबर बेहद अहम है कि राज्य सरकार ने उनके लिए सरकारी नौकरियों में पदों की पहचान कर ली है, यानी पद चिन्हांकित किए हैं। साथ ही अब ब्लाइंड (नेत्रहीन) दिव्यांग भी प्रथम और द्वित्तीय श्रेणी के अफसर तथा कर्मी बन सकेंगे। राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा के आधार पर यह निर्णय लिया है। अलग-अलग श्रेणी के दिव्यांगों के लिए अलग-अलग पद तय किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए सरकारी नौकरियों में चिन्हित – पदों की संशोधित सूची जारी की है। इसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के विभिन्न पदों को दिव्यांगता की अलग-अलग श्रेणियों के लिए चिन्हित किया गया है। यह सूची उन दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। अब उन्हें केवल पद का नाम नहीं, बल्कि उसके सामने दर्ज दिव्यांगता कोड और कार्य की प्रकृति भी देखनी होगी।
पदोन्नति में भी मिलेगा लाभ
एक महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। यदि किसी पद का पोषक वर्ग यानी फीडर कैडर दिव्यांगजनों के लिए चिन्हित है तो उससे संबंधित पदोन्नति वाला पद भी उसी के अनुसार स्वतः चिन्हित माना जाएगा। इसका मतलब है कि चिह्नांकन केवल सीधी भर्ती तक सीमित नहीं रहेगा। संबंधित पदोन्नति वाले पदों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।
मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद होगी नियुक्ति
किसी भी चिन्हित पद पर नियुक्ति के समय राज्य मेडिकल बोर्ड द्वारा शारीरिक अक्षमता की जांच और दिव्यांगता प्रमाणपत्र की सत्यता की पुष्टि अनिवार्य होगी। इसके बाद संबंधित विभाग अभ्यर्थी की पद के लिए उपयुक्तता का परीक्षण करेगा। सीधी भर्ती में आरक्षण का लाभ सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी दिव्यांगता प्रमाणपत्र रखने वाले बेंचमार्क दिव्यांग व्यक्ति को ही दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य सरकार के समय-समय पर जारी दिशा-निर्देश लागू होंगे।
इससे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा 25 सितंबर 2014 को इस संबंध में जारी अधिसूचना को अधिक्रमित कर दिया गया है। दिव्यांगजनों के लिए चिन्हित पदों की संशोधित सूची जारी की है। जिन विभागों के नए या संशोधित पदों का चिह्नांकन इस अधिसूचना में शामिल नहीं है, लेकिन वे 25 फरवरी 2026 की पूर्व अधिसूचना में शामिल हैं, उनके संबंध में पहले की सूची यथावत रहेगी।