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CG NEWS: स्टेट व नेशनल हाइवे में घूमंतु पशुओं की सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार के लिए व्यवस्था सुदृढ़ की जाए: पशुधन मंत्री रामविचार नेताम

25 Aug 2025 | WEENEWS DESK | 123 views
CG NEWS: स्टेट व नेशनल हाइवे में घूमंतु पशुओं की सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार के लिए व्यवस्था सुदृढ़ की जाए: पशुधन मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर। CG NEWS: पशुधन एवं मछलीपालन मंत्री रामविचार नेताम ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर काम-काज की समीक्षा की। गौरतलब है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पशुधन एवं मछलीपालन विभाग मिलने के बाद यह मंत्री नेताम की पहली बैठक है।

मंत्री नेताम ने बैठक में कहा कि गाय हमारी आध्यात्मिक मान्यता के साथ ही मानसिक संवेदनाओं से जुड़ी हुई है। स्टेट व नेशनल हाइवे पर घूमंतु पशुओं की दुर्घटनाएं देखने को मिलती है, जो पीड़ादायक होती है। उन्होंने कहा कि स्टेट व नेशनल हाइवे में घूमंतु पशुओं की सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं में घायल पशुओं के उपचार की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र के आसपास घटित होने वाली पशु दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए नगरीय निकायों के समन्वय से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किया जाना चाहिए।

मंत्री श्री नेताम ने मछलीपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न किस्मों की मछलियों का उत्पादन हो रहा है, इसमें बस्तर का झींगापालन भी शामिल है। उन्होंने मछलियों के उत्पादन में वृद्धि करने के साथ ही नवा रायपुर अटल नगर में विश्वस्तरीय फिश एक्वेरियम हाऊस बनाने के संबंध में अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने इसके लिए विभागीय अधिकारियों के दल को चंडीगढ़, गुजरात एवं अन्य राज्यों में अध्ययन के लिए भेजकर परियोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर जिले में दो-दो फिश प्रदर्शन तालाब बनाने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए।

मंत्री नेताम ने बैठक में कहा कि हर क्षेत्र का क्लाइमेंट अलग-अलग होता है। क्लाइमेंट के अनुरूप पशुपालन, मुर्गीपालन, बकरीपालन एवं सुकरपालन की गतिविधियां संचालित की जाए ताकि पशुपालकों को इसका बेहतर लाभ मिलेे।

पशुपालकों को विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है उनके लिए चारा की व्यवस्था करना, पशुओं को हरी घास मिले इसके लिए योजना बनाई जाए। उन्होंने सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर जिले में स्लाइज उत्पादन पर भी जोर दिया। मंत्री नेताम ने मत्स्य और पशुपालन किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में मंत्री नेताम ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने किसानों को आय दोगुनी करने नवाचार के साथ ही तकनीकी उपयोग पर बल दिया है। छत्तीसगढ़ में भी मत्स्य पालक किसानों की आय को बढ़ाने के योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए।

उन्होंने कहा कि केज कल्चर के जरिए मत्स्य पालन में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने नीलक्रांति योजना को बढ़ावा देने के साथ ही फिनफिश हैचरीज की स्थापना, मत्स्य बीज उत्पादन, नवीन तालाबों का निर्माण एवं मछली पालन, केज कल्चर, पंगेसियस हैचरी, तेलपिया कल्चर को बढ़ावा देने तथा राज्य तथा केन्द्र की योजनाओं का लाभ मत्स्य किसानों को पहुंचाने के निर्देश दिए। मंत्री नेताम ने बैठक में मछुआ समितियों को प्राथमिकता के तौर पर मछलीपालन के व्यवसाय से जोड़ने पर बल दिया।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सहला निगार, पशुधन विभाग के संचालक चंद्रकांत वर्मा, मछलीपालन विभाग के संचालक नारायण सिंह नाग सहित इन विभागों के वरिष्ट अधिकारी उपस्थित थे।


WEENEWS DESK
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