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Chhattisgarh : किताबों की कमी पर व्हाट्सएप स्टेटस डालना पड़ा महंगा, शिक्षक को तत्काल किया गया निलंबित 

09 Nov 2025 | WEENEWS DESK | 152 views
Chhattisgarh : किताबों की कमी पर व्हाट्सएप स्टेटस डालना पड़ा महंगा, शिक्षक को तत्काल किया गया निलंबित 

धमतरी। Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाले एक सहायक शिक्षक को अपनी ही सच्चाई ने महंगा पड़ गया। कुरूद ब्लॉक के ग्राम नारी में तैनात शिक्षक ढालूराम साहू ने व्हाट्सएप पर एक स्टेटस डाला, जिसमें उन्होंने स्कूल में बच्चों को हिंदी की किताबें न मिलने की शिकायत की और राज्योत्सव की चमक-दमक पर तंज कसा। स्टेटस वायरल होते ही जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया।

शिक्षक साहू ने अपने स्टेटस में लिखा था, “बच्चों को किताबें नहीं मिलीं और राज्योत्सव मना लिया गया।” यह पोस्ट राज्योत्सव के दौरान अपलोड की गई थी, जब पूरे राज्य में उत्सव की धूम मची हुई थी। कुछ ही घंटों में यह स्टेटस विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में फैल गया, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। डीईओ ने इसे विभाग की छवि खराब करने वाला बताते हुए निलंबन का आदेश जारी कर दिया।

Chhattisgarh : किताबों की कमी पर व्हाट्सएप स्टेटस डालना पड़ा महंगा, शिक्षक को तत्काल किया गया निलंबित 

“शिक्षक ने कहा- फटी-पुरानी किताबों से पढ़ा रहे हैं”

“शिक्षक ढालूराम साहू ने का कहना है कि शिक्षण सत्र 2025-26 का 5 महीना बीत चुका है। बच्चों को अब तक हिंदी की किताबें नहीं मिली हैं। पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। बच्चे फटी-पुरानी किताबों से पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षक भी पढ़ाने के लिए इन्हीं किताबों का सहारा ले रहे हैं। जिस राज्य की शिक्षा व्यवस्था किताबों की कमी से जूझ रही हो, वहां राज्य निर्माण के 25 साल पूरे होने की खुशी मनाई जा रही है।”

घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोग शिक्षक के समर्थन में उतर आए हैं और इसे ‘तुगलकी फरमान’ बता रहे हैं। एक वीडियो में कहा गया कि यह कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था की कमियों को छिपाने की कोशिश है, जहां किताबों की कमी जैसे मुद्दे आज भी बने हुए हैं। शिक्षक संगठनों ने भी इसकी निंदा की है और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।

यह मामला छत्तीसगढ़ की शिक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े करता है। राज्य में सैकड़ों स्कूलों में अभी भी किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री की कमी की शिकायतें आ रही हैं, लेकिन ऐसी आवाजें दबाने की कोशिशें जारी हैं। शिक्षक साहू का निलंबन स्थगित होने तक विभाग ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।


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