रांची: Jharkhand Student Protest LIVE : झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों की हुंकार देखने को मिल रही है. हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा की तरफ बढ़ रहे हैं. जहां तक नजर जा रही है, प्रदर्शनकारियों का हुजूम देखने को मिल रहा है. सड़कों पर नारों की गूंज है. प्रोटेस्टर्स के हाथों में पोस्टर लहरा रहे हैं, जिसमें उनकी मांगें लिखी हुई हैं. पुलिस का कहना है कि हमने छात्रों को रोका नहीं है. छात्रों ने दावा किया है कि कई जगहों पर स्टूडेंट्स को डिटेन भी किया गया है और उन्हें आने से रोका जा रहा है. छात्र लगातार बैरिकेडिंग को तोड़कर नई विधानसभा की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. पिछले 9 दिनों से भूख हाड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो भी एंबुलेंस में सवार होकर मार्च में शामिल हुए हैं. इसके बाद वह स्ट्रेचर पर लेटकर छात्रों के साथ विधानसभा घेराव मार्च में आगे बढ़ रहे है।
विधानसभा की दीवार तक पहुंचे आंदोलनकारी छात्र
हजारों की संख्या में छात्र-छह बैरिकेट्स को तोड़ते हुए आगे बढ़े, वही जब छात्र सातवें बैरिकेड के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया इसके बाद छात्र खेतों से होते हुए विधानसभा की दीवार की तरफ आगे बढ़ गए।
‘वाटर कैनन में करने लगे सेलिब्रेट
विधानसभा की तरफ बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रदर्शनकारी इसे सेलिब्रेट करते नजर आए. छात्रों का कहना है कि वाटर कैनन का पानी खत्म हो गया, हम लोगों तक पानी नहीं पहुंचा. इसमें भी हमें भ्रष्टाचार नजर आ रहा है. सरकार ने जिस वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है, उससे पानी ही नहीं निकल रहा है.
‘अगर सीबू सोरेन जिंदा होते…’
हंगर स्ट्राइक पर बैठे देवेंद्र महतो ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, “सीबू सोरेन अगर जिंदा होते, तो हमारे साथ सशरीर होते. उनका बेटा मुख्यमंत्री है और आज उनका जन्मदिन है. ऐसे में हमें कुछ ऐसा तोहफा न मिले, जिसमें खून का दाग हो और झारखंड कलंकित हो. जन्मदिन पर अच्छा तोहफा दिया जाना चाहिए, जिससे बच्चे खुश हो जाएं.”
आज प्रोटेस्ट का 17वां दिन…
विधानसभा के आस-पास धारा 163 लागू कर दी गई है. छात्र रास्ते में सड़क पर बैठ गए हैं. छात्रों का कहना है कि हमें शांतिपूर्वक आंदोलन करना है. युवाओं की मांग है कि हमारे नौकरियों की व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए. पिछले 16 दिनों से झारखंड के रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों ने आज यानी 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है. आज विरोध प्रदर्शन का 17वां दिन है.
रांची प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राज्य के कई जिलों से छात्र ट्रेन, बस और अन्य वाहनों के जरिए भारी तादाद में रांची पहुंच रहे हैं. छात्रों के विधानसभा घेराव के ऐलान को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है. रांची शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल की तैनाती भी की जा रही है, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.
कहां से शुरू हुआ मार्च?
छात्रों के आंदोलन की जगह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम है. स्टेडियम से झारखंड विधानसभा की दूरी करीब 12 किलोमीटर है. ऐसे में सभी छात्रों को एक जगह जुटाने के लिए जगन्नाथपुर थाना के पास स्थित मैदान को चुना गया. छात्र सुबह 11 बजे तक जगन्नाथपुर थाना के पास मैदान में इकट्ठा हुए. यहां से विधानसभा की दूरी करीब 2 किलोमीटर है.
सुबह 11 तक छात्र जगन्नाथपुर थाना के पास मैदान में इकट्ठा हुए.
इसके बाद विधानसभा की ओर कूच करने के लिए आगे बढ़े.
विधानसभा से करीब 2 किलोमीटर पहले छात्रों का जमावड़ा हुआ.
प्रशासन ने प्रमुख चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग की है.
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस की तैनाती की गई है.
JPSC धांधली में ED की जांच के दायरे में क्या होगा?
परीक्षा में पैसे का खेल कितना बड़ा था? कितने अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए और कुल कितनी रकम का लेन-देन हुआ?
PT, Mains या सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए गए थे या नहीं? अगर पैसे लिए गए तो किसने लिए और किस तक पहुंचे. बैंक अकाउंट और UPI की जांच, आरोपियों, उनके रिश्तेदारों और कथित बिचौलियों के खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन को खंगाला जाएगा.
परीक्षा से पहले और बाद का Money Trail, परीक्षा के आसपास अचानक हुए बड़े कैश, बैंक और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जांच होगी.
पेपर लीक के बदले पैसे का लेन-देन, कथित तौर पर पहले से सवाल उपलब्ध कराने के बदले किसी ने पैसे दिए या लिए थे या नहीं.
जिन लोगों के बीच परीक्षा को लेकर बातचीत हुई, उनके फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन से उसका मिलान किया जाएगा.
ओएमआर और एडमिट कार्ड की हेराफेरी में पैसे का एंगल अगर रिकॉर्ड में बदलाव करके किसी उम्मीदवार को फायदा पहुंचाया गया, तो उसके बदले पैसे लिए गए या नहीं.
परीक्षा कराने वाली एजेंसी को मिले कॉन्ट्रैक्ट, पेमेंट्स, बैंक अकाउंट्स और अधिकारियों से उसके संबंधों की जांच.
कैश, हवाला और बेनामी संपत्ति का एंगल, रिश्वत का पैसा कैश या हवाला के जरिए इधर-उधर किया गया या जमीन, मकान, सोना और कारोबार में लगाया गया.
ईडी यह पता लगाएगी कि धांधली से अगर पैसा कमाया गया, तो वह पैसा आखिर कहां गया, किसके पास गया और उससे कौन-कौन सी संपत्ति बनाई गई.
सीएम आवास के बाहर बीजेपी नेताओं का धरना
बीजेपी नेताओं ने सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. वे राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग कर रहे थे. पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख आदित्य साहू और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में हुए इस धरने के दौरान, प्रदर्शनकारियों को नारे लगाते और प्लेकार्ड पकड़े हुए देखा गया.
मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारी ने बताया कि साहू और मरांडी समेत बीजेपी के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है. वहीं, बीजेपी की झारखंड इकाई के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव का कहना है कि उन्हें और कई अन्य नेताओं को सुबह 7 बजे से ही ‘नजरबंद’ कर दिया गया था.