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Madhya Pradesh : मछली परिवार का साम्राज्य धराशायी: 100 करोड़ की अवैध संपत्तियाँ नेस्तनाबूत, 22 करोड़ की कोठी बनी ‘आखिरी किला’ – अब मिट्टी में मिल गया

22 Aug 2025 | WEENEWS DESK | 49 views
Madhya Pradesh : मछली परिवार का साम्राज्य धराशायी: 100 करोड़ की अवैध संपत्तियाँ नेस्तनाबूत, 22 करोड़ की कोठी बनी ‘आखिरी किला’ – अब मिट्टी में मिल गया

Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कुख्यात मछली परिवार के अवैध साम्राज्य को नेस्तनाबूद करने के लिए प्रशासन ने निर्णायक कार्रवाई की है। ड्रग तस्करी, यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी जैसे संगीन आरोपों में घिरे इस परिवार की 100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया गया है। इनमें फार्महाउस, वेयरहाउस, कारखाने, मदरसे और मैरिज हॉल शामिल हैं, जो सरकारी जमीन पर बिना अनुमति बनाए गए थे।, भोपाल के कोकता हथाईखेड़ा क्षेत्र में मछली परिवार की आलीशान तीन मंजिला कोठी, जिसकी कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये आंकी गई, को जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से जमींदोज कर दिया गया। यह कोठी, जो 15,000 वर्ग फीट में फैली थी और जिसमें 30 से अधिक कमरे, गैरेज, पार्क और आकर्षक बगीचे थे, परिवार के अपराधी नेटवर्क का प्रतीक मानी जाती थी।

 

इस कार्रवाई से पहले 30 जुलाई को प्रशासन ने मछली परिवार के 50 एकड़ सरकारी जमीन पर बने अन्य अवैध निर्माणों, जैसे रिसॉर्ट, फार्महाउस और वेयरहाउस, को ध्वस्त किया था, जिनकी अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये थी। इनमें लग्जरी सुविधाओं जैसे स्विमिंग पूल, महंगी कारें और आधुनिक मशीनरी शामिल थीं।

पृष्ठभूमि और आरोप:

मछली परिवार के सदस्यों, विशेष रूप से यासीन अहमद और शाहवर अहमद, को भोपाल क्राइम ब्रांच ने 23 जुलाई 2025 को ड्रग तस्करी, अवैध हथियार और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनके पास से 3 ग्राम एमडी ड्रग्स, एक पिस्तौल और आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए, जिनमें युवतियों के शोषण और हिंसा के दृश्य थे। बाद में परिवार के अन्य सदस्य शारिक मछली पर भी लव जिहाद, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी के आरोप लगे।

पीड़ितों ने भी परिवार की क्रूरता के खिलाफ आवाज उठाई। एक पीड़ित ने बताया कि उसे 16 घंटे तक फार्महाउस में बंधक बनाकर पीटा गया और 50,000 रुपये की फिरौती वसूली गई। एक अन्य व्यक्ति ने दावा किया कि मछली परिवार ने उसे प्रताड़ित कर जेल भिजवाया।

प्रशासन की कार्रवाई और नेतृत्व:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद, जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ड्रग माफिया और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हथाईखेड़ा डैम के पास बने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए 6-15 जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया, और कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।

मछली परिवार का नेटवर्क:

जांच में खुलासा हुआ कि मछली परिवार ने 1983 से हथाईखेड़ा डैम के मछली पालन ठेके का दुरुपयोग कर अवैध कमाई की, जिससे हर साल करीब 4 करोड़ रुपये की आय होती थी। इसके अलावा, परिवार ने सरकारी जमीन पर कॉलोनियां काटकर दान पत्र के जरिए अवैध रूप से बेचीं। क्राइम ब्रांच ने परिवार के 15 सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस की भी जांच शुरू की है, क्योंकि संदेह है कि यह नेटवर्क राजस्थान और महाराष्ट्र तक फैला हुआ है।

प्रशासन का संदेश:

एसडीएम विनोद सोनकिया के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध कब्जे और आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन अब भी मछली परिवार की अन्य अवैध संपत्तियों की जांच कर रहा है, जो किसी की जमीन छीनकर या गैरकानूनी तरीके से बनाई गई हों।


WEENEWS DESK
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