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महिला आरक्षण पर कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा हमला, “आरक्षण के नाम पर फैलाया जा रहा भ्रम” नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने में देरी पर उठे सवाल,परिसीमन को बताया ‘मुखौटा’, जनगणना और सीट बढ़ोतरी पर भी घिरी सरकार

25 Apr 2026 | JAY SHANKAR PANDEY | 8 views
महिला आरक्षण पर कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा हमला, “आरक्षण के नाम पर फैलाया जा रहा भ्रम” नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने में देरी पर उठे सवाल,परिसीमन को बताया ‘मुखौटा’, जनगणना और सीट बढ़ोतरी पर भी घिरी सरकार

गरियाबंद।जिलास्तरीय पत्रकारवार्ता में महिला आरक्षण को लेकर बीजेपी के द्वारा जो दुष्प्रचार कर रही है इसी विषय में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ महिला पदाधिकारी श्रीमती डॉ.रश्मि चंन्द्राकर ने स्थानीय रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता लेते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रहे हैं।कांग्रेस का दावा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 कानून बन चुका है,इसके बावजूद इसे लागू नहीं करना सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।आगे उन्होंने पत्रकारवार्ता में कहा कि भाजपा लगातार यह झूठा प्रचार कर रही है कि विपक्षी दलों के विरोध के कारण महिला आरक्षण बिल पारित नहीं हो सका,जबकि सच्चाई यह है कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी भी प्राप्त कर चुका है और अब यह कानून का रूप ले चुका है।इस पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा मुख्य रूप से उपस्थित थे।

वही कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब कानून बन चुका है तो सरकार इसे तुरंत लागू क्यों नहीं कर रही है? उनका कहना है कि बिना परिसीमन का इंतजार किए वर्तमान सीटों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता है,लेकिन सरकार जानबूझकर इसे टाल रही है।

पत्रकारवार्ता में 16 अप्रैल 2026 को संसद में प्रस्तुत 131वां संविधान संशोधन विधेयक का भी जिक्र किया गया।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस विधेयक का सीधा संबंध महिला आरक्षण से नहीं था,बल्कि इसके जरिए भाजपा परिसीमन संशोधन और केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में बदलाव करना चाहती थी।प्रस्तावित विधेयक में लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करने की बात कही गई थी, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित थीं।

कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि जब देश में 2026-27 की नई जनगणना प्रस्तावित है और सरकार खुद जातिगत जनगणना की बात कर रही है,तो 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन क्यों किया जा रहा है? उनका कहना है कि नई जनगणना के बाद ही परिसीमन होना चाहिए।

तुरंत लागू क्यों नहीं किया आरक्षण?

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है तो नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर इसे तत्काल लागू किया जा सकता था।वर्तमान स्थिति में यह कानून 2034 से लागू होने की बात कही जा रही है, जो महिलाओं के साथ अन्याय है।

कांग्रेस का दावा – शुरू से पक्षधर रही कांग्रेस पार्टी

पत्रकारवार्ता में कांग्रेस ने अपने ऐतिहासिक प्रयासों का भी उल्लेख किया।बताया गया कि पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने की शुरुआत कांग्रेस सरकारों ने की थी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1989 में इस दिशा में पहल की,जिसे बाद में 1993 में पी.वी.नरसिम्हा राव सरकार ने कानून का रूप दिया।

इसके अलावा संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के लिए 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में विधेयक राज्यसभा में पारित हुआ था।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा महिला आरक्षण लागू करने की नहीं, बल्कि अपने अनुसार सीटों का परिसीमन करने की थी, जो विपक्ष की एकजुटता के चलते सफल नहीं हो सका।अब महिला आरक्षण के नाम पर देशभर में भ्रम फैलाया जा रहा है।इस दौरान कांग्रेस के कई महिला एवं पुरुष पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

JAY SHANKAR PANDEY
JAY SHANKAR PANDEY

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