मुख्य सचिव विकासशील ने कलेक्टरों को दिए निर्देश- "आप जिले के लीडर हैं, कैंपों में पेंडिंग शिकायतें तुरंत निपटाएं"
रायपुर.
छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत अब राज्य सरकार बड़े स्तर पर 'सेवा मेरा योगदान' कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। 23 से 25 सितंबर तक सभी जिलों के नगरीय निकायों (शहरी क्षेत्रों) में और इसके बाद 2 से 8 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में भव्य 'दान उत्सव' मनाया जाएगा।
मुख्य सचिव विकासशील ने मंगलवार को मंत्रालय (महानदी भवन) से सभी कलेक्टरों और आला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और जरूरतमंदों तक इसका सीधा फायदा पहुंचे।
अभियान की 5 सबसे अहम बातें जो आपको जाननी चाहिए:
* अंगदाताओं का होगा विशेष सम्मान: जिन परिवारों ने अपने मृत परिजनों का देहदान या अंगदान किया है, उन्हें इस अभियान के तहत सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। खास बात यह है कि जिन्हें अंग प्रत्यारोपित किए गए हैं, उनके परिवारों को भी बुलाया जाएगा ताकि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़े।
* ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत 10 हजार पौधे: 'हरित छत्तीसगढ़' अभियान के तहत प्रदेशभर में स्थानीय प्रजातियों के 10,000 पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा प्लास्टिक मुक्ति और जल स्रोतों की सफाई का महाभियान भी चलेगा।
* दान उत्सव में क्या होगा? अन्न दान, वस्त्र दान, विद्या दान और कौशल दान जैसी गतिविधियां होंगी। सभी जिलों में 'बुक ट्री', स्कूल किट का वितरण और वंचित बच्चों की शिक्षा में मदद के कार्यक्रम होंगे।
* मेगा हेल्थ और ब्लड डोनेशन कैंप: राज्यव्यापी महा-रक्तदान शिविर, निशुल्क स्वास्थ्य जांच और ‘गरिमा किट’ का वितरण किया जाएगा।
* युवाओं की होगी भागीदारी: एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS), स्व-सहायता समूहों, युवा संगठनों और ‘मेरा युवा भारत’ के स्वयंसेवकों को मैदान में उतारा जाएगा। सभी गतिविधियों की तस्वीरें 'माय भारत पोर्टल' पर अपलोड की जाएंगी।
आम आदमी के काम की बात: सेवा सेतु शिविरों में तुरंत होगा समाधान
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि आम जनता की समस्याओं को टालने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 'सेवा सेतु शिविरों' में केंद्र सरकार की 26 प्रमुख योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों को दिलाया जाएगा। अधिकारियों को प्रोएक्टिव होकर काम करने और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तथा लोक सेवा गारंटी की पेंडिंग शिकायतों को समय-सीमा के भीतर (टाइम-लिमिट) में निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टरों को दो टूक- "आप जिले के लीडर हैं, रिजल्ट दें"
मीटिंग के दौरान मुख्य सचिव ने प्रशासन की कसावट पर भी जोर दिया। उन्होंने कलेक्टरों से सीधे कहा- "आप जिले के लीडर हैं, अभियानों का प्रभावी नेतृत्व करें।"
* गूगल शीट से होगी मॉनिटरिंग: अब सभी जिलों के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी सीधे गूगल शीट पर दर्ज होगी, ताकि राज्य स्तर से कड़ी निगरानी की जा सके।
* गिरदावरी में न हो गड़बड़ी: फसलों के गिरदावरी सर्वे में पटवारियों और तहसीलदारों को शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
* जल जीवन मिशन (15 अक्टूबर की डेडलाइन): हर घर जल पहुंचाने के काम में तेजी लाने को कहा गया है। इंजीनियरों की कमी दूर करने के लिए अन्य निर्माण विभागों के उप अभियंताओं (सब-इंजीनियर्स) की ड्यूटी भी जल जीवन मिशन के कार्यों में लगाई जाएगी।
मुख्य सचिव ने बैठक के अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ को हर क्षेत्र में 'फ्रंट रनर' राज्य बनाना है, इसलिए सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें और बेहतर काम करने वाली संस्थाओं को समापन पर सम्मा
नित भी किया जाए।