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CG NEWS: बड़े स्कूलों में गरीब बच्चों के एडमिशन पर हाईकोर्ट ने जताया शक, सरकार से मांगा जवाब

08 May 2026 | WEENEWS DESK | 27 views
CG NEWS: बड़े स्कूलों में गरीब बच्चों के एडमिशन पर हाईकोर्ट ने जताया शक, सरकार से मांगा जवाब

बिलासपुर। CG NEWS: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पहली कक्षा में एक भी एडमिशन नहीं आने को लेकर हैरानी जताई है। इस मामले में राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश के करीब 400 स्कूलों में एडमिशन के लिए किसी का भी आवेदन नहीं आया है, जिनमें ज्यादातर बड़े स्कूल शामिल हैं।

यह जानकारी सामने आने पर हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए शासन से पूछा कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि कहीं राज्य सरकार कुछ छिपा तो नहीं रही है। डिवीजन बेंच ने इस मामले में शिक्षा सचिव को 10 जुलाई तक शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जनहित याचिका पर हुई सुनवाई

दरअसल, शिक्षा के अधिकार कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर गुरुवार (7 मई) को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश शपथ पत्र को देखकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। सरकार ने अपने जवाब में बताया कि राज्य के 387 स्कूलों में एडमिशन के लिए एक भी आवेदन नहीं मिला, जबकि 366 ऐसे स्कूल हैं जहां उपलब्ध सीटों की तुलना में आवेदन काफी कम आए हैं। इनमें प्रदेश के अधिकांश बड़े स्कूल शामिल हैं।

हाईकोर्ट ने पूछा- क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते?

राज्य सरकार का यह जवाब सुनकर हाईकोर्ट ने हैरानी जताई। कोर्ट ने पूछा कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना ही नहीं चाहते या फिर राज्य सरकार कुछ छिपा रही है। डिवीजन बेंच ने RTE के तहत आबंटित सीटों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य शासन को शपथ पत्र के जरिए पूरी जानकारी पेश करने को कहा गया है। सरकार को बताना होगा कि किस स्कूल में कितनी सीटें आवंटित की गईं और किन बच्चों का एडमिशन हुआ है। इस मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने अधिकारियों से पूछा कि प्रवेश प्रक्रिया में लापरवाही क्यों बरती जा रही है। जब नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, तब गरीब बच्चों का दाखिला आखिर कब होगा। क्या प्रशासन की लापरवाही से हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। बता दें कि RTE से जुड़े कई अन्य मामलों की सुनवाई पहले से चल रही है।

सीटों के मुकाबले आवेदन काफी कम मिले

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के शपथ पत्र पर भी नाराजगी जताई, जिसमें बताया गया है कि कई स्कूलों में केवल एक या दो सीटों पर ही एडमिशन की जानकारी दी गई है। इस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि अगर किसी स्कूल में सिर्फ एक बच्चे का एडमिशन हुआ है, तो क्या वहां कुल चार बच्चे ही पढ़ रहे हैं। जबकि RTE के तहत स्कूलों में कुल सीटों के 25 प्रतिशत पर गरीब बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है।


WEENEWS DESK
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