CRICKET NEWS: बीसीसीआई ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम का ऐलान करते हुए बड़ा फैसला लिया है। श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंप दी गई है, जबकि पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को खराब फॉर्म के चलते न सिर्फ कप्तानी से हटाया गया बल्कि 15 सदस्यीय टीम से भी बाहर कर दिया गया।
इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है कि क्या सूर्या जैसी उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी को इतनी अचानक विदाई मिलनी चाहिए थी। पिछले कुछ महीनों में सूर्यकुमार यादव का बल्ला जरूर खामोश रहा और IPL 2026 में उन्होंने 13 पारियों में 270 रन बनाए, लेकिन उनके करियर और कप्तानी के रिकॉर्ड को नजरअंदाज करना आसान नहीं है।
यही वह खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2022 से 2024 तक भारत को कई यादगार जीत दिलाईं और अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से टी20 क्रिकेट में नई पहचान बनाई। बतौर कप्तान सूर्या का रिकॉर्ड और भी शानदार रहा—उन्होंने 52 टी20 इंटरनेशनल मैचों में भारत की कप्तानी की, जिसमें टीम ने 40 मुकाबले जीते और सिर्फ 8 हारे। सबसे खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारत ने कोई भी टी20 सीरीज नहीं गंवाई और टीम ने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी जीती।
अब चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों और नई रणनीति पर काम कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या सूर्या कम से कम एक सम्मानजनक फेयरवेल सीरीज डिजर्व नहीं करते थे? क्रिकेट फैंस के बीच यही चर्चा है कि जिस खिलाड़ी ने भारत को गर्व के इतने मौके दिए, उसे इतनी चुपचाप टीम से बाहर कर देना कहीं न कहीं भावनात्मक रूप से गलत फैसला माना जा रहा है।