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ड्रोन हमले से दहला होर्मुज, LPG टैंकर को निशाना, 9 भारतीय समेत 19 क्रू सुरक्षित

21 Sep 2026 | WEENEWS DESK | 710 views
ड्रोन हमले से दहला होर्मुज, LPG टैंकर को निशाना, 9 भारतीय समेत 19 क्रू सुरक्षित

होर्मुज स्ट्रेट के पास मर्चेंट जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। रविवार को लाइबेरिया के झंडे वाले LPG टैंकर MT Al Maria को ड्रोन से निशाना बनाया गया। हमले के दौरान जहाज पर 9 भारतीय नागरिकों समेत कुल 19 क्रू मेंबर सवार थे। राहत की बात यह है कि हमले में सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और जहाज को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है।

ड्रोन के टकराने के बाद भी सामान्य रहा इंजन और पावर सिस्टम

रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन के जहाज से टकराने के बाद भी टैंकर का मुख्य इंजन और पावर सिस्टम सामान्य रूप से काम करता रहा। घटना के बाद जहाज को एहतियात के तौर पर संयुक्त अरब अमीरात के खोर फक्कन (Khor Fakkan) इलाके की ओर ले जाया गया। इसके बाद टैंकर ने खोर फक्कन के पास सुरक्षित जगह पर लंगर डाल दिया। जहाज और उसमें सवार सभी क्रू सदस्यों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

9 भारतीय नाविकों की सुरक्षा से मिली राहत

इस घटना में सबसे अहम बात यह है कि जहाज पर सवार 9 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर सुरक्षा का दबाव लगातार बढ़ रहा है। भारतीय नाविक बड़ी संख्या में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर भी काम करते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं समुद्री मार्गों से जुड़े भारतीय क्रू की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं।

भारतीय नाविकों से जुड़ी कई घटनाएं सामने आईं

रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के दौरान भारतीय नाविकों से जुड़ी कई समुद्री घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी 4 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि भारतीय क्रू वाले विदेशी ध्वज के जहाजों से जुड़ी 58 घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में अब तक 10 नाविकों की मौत होने की जानकारी दी गई है। इससे साफ है कि संघर्ष वाले समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों पर तैनात भारतीय नाविक भी लगातार जोखिम का सामना कर रहे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला यह जलमार्ग तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। इस इलाके में किसी भी तरह की सैन्य या सुरक्षा घटना का असर सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहता। जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर कच्चे तेल, LPG और अन्य ऊर्जा उत्पादों की सप्लाई तथा वैश्विक बाजार पर भी असर पड़ सकता है।

बढ़ते तनाव के बीच जहाजों की सुरक्षा चुनौती

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच व्यापारी जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। जहाजों को संवेदनशील समुद्री मार्गों से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। MT Al Maria पर हुए हमले के बाद जहाज का खोर फक्कन में लंगर डालना भी इसी सुरक्षा स्थिति के बीच उठाया गया एहतियाती कदम माना जा रहा है। फिलहाल 9 भारतीयों समेत सभी 19 क्रू सदस्यों के सुरक्षित होने से राहत है। घटना के बाद संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

WEENEWS DESK
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