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HEALTH TIPS: 40 के बाद हड्डिया दे रहीं हैं संकेत: इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, हड्डियां मजबूत बनाने के 11 टिप्स

25 Apr 2026 | JAY SHANKAR PANDEY | 7 views
HEALTH TIPS: 40 के बाद हड्डिया दे रहीं हैं संकेत: इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, हड्डियां मजबूत बनाने के 11 टिप्स

HEALTH : 40 की उम्र के बाद हड्डियों की सेहत धीरे-धीरे गिरने लगती है और यही इसे एक ‘साइलेंट’ समस्या बनाता है। शुरुआत में कोई खास लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन अंदर ही अंदर हड्डियां कमजोर होती रहती हैं। अक्सर लोगों को इसका पता तब चलता है, जब अचानक दर्द बढ़ जाता है या मामूली चोट में भी फ्रैक्चर हो जाता है।

दरअसल, बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कैल्शियम का सही तरीके से अवशोषण कम होने लगता है, जिससे बोन डेंसिटी घटने लगती है। महिलाओं में यह समस्या और तेजी से बढ़ती है, खासकर मेनोपॉज के बाद। आज की लाइफस्टाइल भी इसमें बड़ा रोल निभाती है। धूप की कमी से विटामिन D कम हो जाना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, अनहेल्दी खानपान और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत हड्डियों को और कमजोर बना देती है।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि शुरुआत में इसके संकेत साफ नहीं होते, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर समय रहते ध्यान दिया जाए, तो इस प्रक्रिया को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है और हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत रखा जा सकता है। आज ‘जरूरत की खबर’ में हम बात करेंगे हड्डियों की सेहत से जुड़े जरूरी पहलुओं की साथ ही जानेंगे इसके शुरुआती संकेत और बचाव के आसान तरीके।

सवाल- हड्डियों की कमजोरी के क्या संकेत हैं?

TIPS: हड्डियां कमजोर होने के शुरुआती लक्षण अक्सर धीरे-धीरे दिखाई देते हैं, इसलिए लोग इन्हें सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ध्यान देने वाले प्रमुख संकेत ये हैं—

बार-बार दर्द रहना
खासकर पीठ, कमर, घुटनों या जोड़ों में लगातार हल्का दर्द रहना।

आसानी से फ्रैक्चर होना
हल्की चोट या गिरने पर भी हड्डी टूट जाना।

ऊंचाई कम होना (Height loss)
समय के साथ कद थोड़ा कम होना, जो रीढ़ की हड्डी के कमजोर होने का संकेत हो सकता है।

झुककर चलना (Stooped posture)
पीठ का धीरे-धीरे झुकना या कूबड़ जैसा दिखना।

कमजोरी और थकान
शरीर में कमजोरी महसूस होना, जल्दी थक जाना।

दांत और नाखून कमजोर होना
दांतों का कमजोर होना या नाखून जल्दी टूटना भी कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है।

मसल्स में दर्द या ऐंठन
खासकर पैरों में ऐंठन या मांसपेशियों में दर्द।

सवाल- बोन हेल्थ का पता कैसे लगाया जाता है?

TIPS: सिर्फ लक्षणों से हड्डियों की सेहत का सही आकलन नहीं हो सकता। इसके लिए कुछ जरूरी टेस्ट और मेडिकल एसेसमेंट किए जाते हैं—

1. BMD (बोन मिनरल डेंसिटी) टेस्ट

इसमें हड्डियों की मजबूती (डेंसिटी) मापी जाती है।
इसके लिए DEXA स्कैन किया जाता है।
इससे पता चलता है कि हड्डियां नॉर्मल, कमजोर या ऑस्टियोपोरोसिस की स्थिति में हैं।

2. एक्स-रे (X-ray)

हड्डियों के स्ट्रक्चर और फ्रैक्चर का पता चलता है।
लेकिन शुरुआती बोन लॉस इसमें नजर नहीं आता।

3. ब्लड टेस्ट

शरीर में कैल्शियम और विटामिन D का स्तर चेक किया जाता है।
साथ ही थायरॉइड जैसी समस्याओं की भी जांच होती है।
इससे कमजोरी की असली वजह समझ में आती है।

4. FRAX स्कोर (Fracture Risk Assessment Tool)

यह एक कैलकुलेशन टूल है।
उम्र, वजन, लाइफस्टाइल और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर
फ्रैक्चर का खतरा कितना है, यह बताता है।

5. डॉक्टर का क्लिनिकल एसेसमेंट
डॉक्टर कुछ संकेतों के आधार पर भी स्थिति समझते हैं, जैसे—

बार-बार फ्रैक्चर होना
लगातार हड्डियों में दर्द
डाइट और फिजिकल एक्टिविटी
पुरानी बीमारियों की हिस्ट्री

TIPS: हड्डियों को स्ट्रांग कैसे रखे

1. रोज एक्ससाइज करे
2. रोज सुबह 15-20 मिंट धुप ले
3. सही बॉडी वेट बनाये रखे
4. लम्बे समय तक बैठे न रहे
5. 40 के बाद BMD टेस्ट कराए
6. जंक फ़ूड न खाये

 

JAY SHANKAR PANDEY
JAY SHANKAR PANDEY

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