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UNGA में शहबाज के कश्मीर राग पर भारत का पलटवार, कहा- खोखली बातें दुनिया को गुमराह नहीं कर सकतीं

26 Sep 2026 | WEENEWS DESK | 812 views
UNGA में शहबाज के कश्मीर राग पर भारत का पलटवार, कहा- खोखली बातें दुनिया को गुमराह नहीं कर सकतीं

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया और सिंधु नदी के पानी को लेकर भारत को चेतावनी दी। शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में भारत पर कई आरोप लगाए और युद्ध की धमकी देने जैसी भाषा का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बयान पर भारत ने भी जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कड़ा पलटवार किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के मुद्दे पर बात करेगा।

पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद, धोखेबाजी और दोहरेपन की नीति से न तो पाकिस्तान को कोई फायदा हुआ है और न ही दुनिया को। उन्होंने पाकिस्तान के प्रतिनिधि के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महासभा ने आज पाकिस्तान की ओर से कुछ ऐसी टिप्पणियां सुनीं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गहलोत ने अपने बयान में 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह संदर्भ इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 9/11 हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के पास रह रहा था। उन्होंने पाकिस्तान की ओर से उसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिए गए भाषण को लेकर सवाल उठाए।

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि की ओर से कही गई बातें उसी व्यवस्था से आती हैं, जिसे खुद पाकिस्तान में ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहा जाता है। उन्होंने पाकिस्तान में कट्टरता और नफरत के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ पाकिस्तान सुरक्षा और शांति की बात करता है, जबकि दूसरी तरफ आतंकवाद से उसका संबंध लगातार सवालों के घेरे में रहा है।

भारत की ओर से जवाब देते हुए पेटल गहलोत ने पाकिस्तान द्वारा UNGA में धार्मिक असहिष्णुता और इस्लामोफोबिया का मुद्दा उठाए जाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस सरकार के आधार में ईशनिंदा कानूनों की भूमिका है, उसके द्वारा धार्मिक असहिष्णुता पर दुनिया को उपदेश देना विरोधाभासी है। गहलोत ने कहा कि खोखली और मीठी बातें अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह नहीं कर सकतीं।

भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान को आतंकवाद तथा सीमा पार हिंसा के मुद्दे पर अपनी नीति पर विचार करना चाहिए। भारत की ओर से UNGA में दिए गए जवाब में पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी दावों को खारिज करते हुए आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।

WEENEWS DESK
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