दुर्ग। CG NEWS: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ऐसा चौंकाने वाला प्रेम-प्रकरण सामने आया है जिसे सुनकर किसी का भी विश्वास डगमगा सकता है। जहां एक तरफ परिवार ने एक युवती को अपना घर, भरोसा और जिम्मेदारी सौंप रखी थी, वहीं उसी युवती ने प्यार के चक्कर में उसी परिवार को लूट लिया। मामला सुपेला थाना क्षेत्र के स्मृति नगर चौकी के अंतर्गत सूर्या विहार कॉलोनी, जुनवानी का है।
कहानी शुरू होती है 2024 में…
रोहन कुखरानिया परिवार ने अपनी वृद्ध मां की देखभाल के लिए लाइफ होम केयर सर्विस से ममता चौहान (27 वर्ष, निवासी पिथौरा, महासमुंद) को केयरटेकर के रूप में रखा। ममता ने पूरे समर्पण से काम किया। मां के निधन के बाद भी परिवार ने उसे घर में रख लिया। दो साल तक वह घर की हर जिम्मेदारी संभालती रही — रसोई, सफाई, घरेलू काम। परिवार ने उसे बेटी जैसा मान लिया। अलमारी की चाबी, पैसों की जगह, घर की पूरी व्यवस्था की जानकारी उसे थी।
प्रेम का जाल और साजिश:
ममता का रिश्ता शीतल वर्मा (27 वर्ष, निवासी सारागांव, रायपुर) से था। शीतल को पैसों की सख्त जरूरत पड़ गई। उसने ममता से मदद मांगी। प्रेमी की खातिर ममता ने वो रास्ता चुना जो सीधे जेल की राह पर ले जाता है। पुलिस पूछताछ में ममता ने कबूल किया कि शीतल के कहने पर ही उसने चोरी की योजना बनाई।
शादी का मौका और धोखा:
26-27 जून 2026 को रोहन कुखरानिया परिवार में भतीजी की शादी थी। पूरा घर शादी की तैयारियों, मेहमानों और कार्यक्रमों में व्यस्त था। भीड़-भाड़ का फायदा उठाते हुए ममता ने अलमारी से 24 हजार रुपये कैश निकाल लिए। चोरी के तुरंत बाद वह बिना किसी को कुछ बताए घर छोड़कर फरार हो गई। जब परिवार को पैसे की जरूरत पड़ी और अलमारी खोली गई तो कैश गायब था। रोहन कुखरानिया ने तुरंत सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की तेज कार्रवाई:
सुपेला पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। आरोपी के मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच (लोकेशन ट्रेसिंग) की गई। टीम रायपुर पहुंची और दोनों प्रेमियों को छुपे हुए पकड़ लिया। ममता चौहान और शीतल वर्मा दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से 23,500 रुपये कैश और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 43,500 रुपये है।
पुलिस का खुलासा:
पूछताछ में सामने आया कि शीतल वर्मा ने ही ममता को चोरी के लिए उकसाया था। प्यार के नाम पर प्रेमी ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
परिवार का सदमा:
रोहन कुखरानिया परिवार सदमे में है। जिसे उन्होंने दो साल तक अपना समझा, घर की कुंजी सौंपी, वही उनके विश्वास को तोड़कर चली गई। शादी जैसे खुशी के मौके पर यह घटना परिवार के लिए दोगुना दर्द लेकर आई।
क्या कहते हैं लोग?
ये मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि विश्वासघात और अंधे प्यार का है। सोशल मीडिया पर लोग चर्चा कर रहे हैं — “पैसे के लिए प्रेमी प्रेमिका को चोर बना दे, ये प्यार नहीं लालच है।” पुलिस की तेज सूझबूझ की सराहना हो रही है।
सावधानी का संदेश:
• घर में काम करने वालों पर पूरी जांच जरूरी।
• कीमती सामान और कैश को सुरक्षित रखें।
• भरोसा अच्छा है, लेकिन अंधा भरोसा खतरनाक।
ये घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि रिश्तों में लालच कितना खतरनाक साबित हो सकता है। दुर्ग पुलिस की इस सफलता को सलाम! आगे की जांच जारी है।