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India Economy: E20 के बाद अब क्या? पेट्रोल में इथेनॉल बढ़ाने पर सरकार जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

22 Apr 2026 | WEENEWS DESK | 67 views
India Economy: E20 के बाद अब क्या? पेट्रोल में इथेनॉल बढ़ाने पर सरकार जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

India Economy: देश में पेट्रोल की कीमतों, कच्चे तेल के आयात और किसानों की आय से जुड़ा बड़ा फैसला जल्द सामने आ सकता है। पेट्रोल में मौजूदा 20% इथेनॉल मिश्रण यानी E20 से आगे बढ़ने के प्रस्ताव पर पेट्रोलियम मंत्रालय सक्रियता से विचार कर रहा है। मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि सभी हितधारकों से चर्चा के बाद जल्द औपचारिक निर्णय लिया जा सकता है। अगर यह फैसला होता है तो देश के ईंधन सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि यह ऐसा विचार है जिसका समय आ चुका है और इस पर लगातार सलाह-मशविरा किया जा रहा है। सरकार इस कदम को ऐसे समय पर आगे बढ़ा रही है जब मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, ऐसे में महंगे तेल का सीधा असर अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर पड़ता है।

सरकार का मानना है कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने से विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत हो सकती है और आयात पर निर्भरता घटेगी। इसके साथ ही किसानों को भी सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि इथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी।

इससे पहले ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने भी 21% तक इथेनॉल ब्लेंडिंग की संभावना जताई थी। वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में सप्लाई बाधित होने से भारत के कई जहाज अब भी फंसे हैं, जिसने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार की चिंता और बढ़ा दी है।

भारत सरकार ने Ethanol Blended Petrol कार्यक्रम के तहत पिछले कुछ वर्षों में बड़ी सफलता हासिल की है। 2013-14 में जहां इथेनॉल आपूर्ति सिर्फ 38 करोड़ लीटर थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 1000 करोड़ लीटर से ज्यादा हो गई। सरकार ने 2030 से पहले E20 का लक्ष्य तय किया था, जिसे दिसंबर 2025 में ही हासिल कर लिया गया।

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2014-15 से फरवरी 2026 तक किसानों को 1.50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान हुआ है। साथ ही 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक विदेशी मुद्रा की बचत, 869 लाख मीट्रिक टन CO₂ उत्सर्जन में कमी और 289 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का विकल्प तैयार हुआ है। अब सबकी नजर इस पर है कि E20 के बाद अगला कदम क्या होगा।


WEENEWS DESK
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