बिलासपुर। शहर की बेटी प्रशंसा पांडे अब दिल्ली के संसद भवन में छत्तीसगढ़ की अगुवाई करने जा रही हैं। आगामी 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर संसद भवन में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में उन्हें प्रदेश का नेतृत्व करने का जिम्मा मिला है। नई दिल्ली की इस बड़ी उड़ान पर रवाना होने से ठीक पहले उनके अपने शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उनका जोरदार सम्मान किया गया।
कॉलेज कैंपस में आयोजित इस विदाई और सम्मान कार्यक्रम में प्राचार्य कमलेश सर की अगुवाई में कॉलेज का स्टाफ मौजूद रहा। प्रोफेसर मंजू माधुरी बाजपेयी मैडम, चौधरी सर, सिन्हा मैडम, सीमा मिश्रा मैडम और डॉ. पूजा शर्मा मैडम के साथ बाकी प्राध्यापकों ने प्रशंसा का अभिनंदन करते हुए उन्हें इस राष्ट्रीय मंच के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। पूरा माहौल बिलासपुर के लिए फख्र का था कि उनके बीच से तैयार हुई एक होनहार छात्रा अब देश की सबसे बड़ी पंचायत में जा रही है।
संसद भवन तक पहुंचने की प्रशंसा की यह कहानी रातों-रात नहीं लिखी गई है। इसके पीछे उनका पुराना जमीनी कामकाज और लगातार की गई मेहनत है। असल में वे नेशनल यूथ पार्लियामेंट की स्टेट विनर हैं। विकसित भारत लीडर्स डायलॉग के मंच पर भी उन्होंने राज्य स्तर पर अपनी दमदार दावेदारी पेश कर अपना लोहा मनवाया है। उनके पिछले दो सालों के कामकाज के ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो वे नेशनल यूथ पार्लियामेंट के माध्यम से विधानसभा के स्तर पर लगातार युवाओं का मोर्चा संभालती आ रही हैं। विधानसभा से शुरू हुई उनकी यह यात्रा अब दिल्ली के संसद भवन तक जा पहुंची है।
युवा नेतृत्व के इसी धारदार कौशल को देखते हुए भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने उन्हें 'यूथ आइकॉन' का दर्जा भी दे रखा है। इस यूथ आइकॉन के दर्जे के साथ प्रशंसा ने खुद को सिर्फ दिखावे तक समेट कर नहीं रखा। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान जैसे भारी अभियानों में अपनी सक्रिय भागीदारी दी है। इसके अलावा देश के प्रधानमंत्री के साथ होने वाले 'खेल की बात' कार्यक्रम और युवा संवाद जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भी वे यूथ आइकॉन के रूप में अपनी क्षमता दिखा चुकी हैं।
दिल्ली के संसद भवन के लिए उनका यह चुनाव उनकी इसी पुरानी मेहनत, मजबूत युवा लीडरशिप और नेशनल लेवल पर लगातार बनी हुई एक्टिविटी का नतीजा है। शहर के बिलासा कन्या कॉलेज से निकलकर संसद के गलियारों तक का यह सफर पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व की बात है। साथ ही प्रशंसा की यह उपलब्धि प्रदेश के उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ा उदाहरण है, जो अपने नेतृत्व के बूते सिस्टम में अपनी जगह बनाना चाहते हैं।