पटवारियों की हड़ताल से प्रभावित हुआ धान पंजीयन, किसानों ने की तिथि बढ़ाने की मांग
किसानों को उपज का पंजीयन कराने के लिए मिले अतिरिक्त 3 से 5 दिन

सिहोरा
धान पंजीयन की निर्धारित तिथि समाप्त होने के बाद भी अनेक किसान अपनी उपज का पंजीयन नहीं करा सके हैं। पटवारियों की हड़ताल के कारण पंजीयन के दौरान कई किसानों के रकबे पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे थे। इसके चलते किसान चाहकर भी अपनी धान की उपज का पंजीयन कराने से वंचित रह गए।
किसानों का कहना है कि पूर्व में धान पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर निर्धारित की गई थी, लेकिन पटवारियों की हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने से अनेक किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रकबा प्रदर्शित नहीं होने के कारण वे निर्धारित समय सीमा में पंजीयन नहीं करा सके। इसका सीधा असर किसानों की उपज के समर्थन मूल्य पर विक्रय की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
इस समस्या को देखते हुए किसान राजकुमार यादव, सेवाराम पटेल, अशोक यादव, देवेंद्र नायक, नरेंद्र त्रिपाठी, सीताराम पटेल, शीतल पटेल सहित अन्य किसानों ने राज्य सरकार से धान पंजीयन की तिथि कम से कम 3 से 5 दिन बढ़ाने की मांग की है।
किसानों ने कहा कि सरकार को किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए पंजीयन का एक और अवसर प्रदान करना चाहिए, ताकि रकबा संबंधी त्रुटियों को सुधारा जा सके और वंचित किसान अपनी उपज का पंजीयन करा सकें।
किसानों ने शासन से मांग की है कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए धान पंजीयन की तिथि तत्काल बढ़ाई जाए, जिससे कोई भी किसान अपनी उपज के पंजीयन से वंचित न रहे।