अंतागढ़। CG NEWS : अंतागढ़ विकासखंड के दुर्गम वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्र में स्थित ग्राम मसपूर में मंगलवार, 13 अक्टूबर को विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण नियमित स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाने वाले ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था। शिविर के लिए खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भेषज कुमार रामटेके के नेतृत्व में चिकित्सा दल दुर्गम रास्तों को पार कर ग्राम मसपूर पहुंचा। इस दौरान सेक्टर ताड़ोकी एवं सेक्टर किसकोड़ो के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल रहे।
चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर पहुंची चिकित्सा टीम
ग्राम मसपूर तक पहुंचना स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। ग्राम पंचायत एड़ानार के मलमेटा से ग्राम मसपूर तक पहुंचने के लिए लगभग चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पैदल तय करनी पड़ती है। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों से घिरा यह गांव पहाड़ के ऊपर बसा हुआ है, जहां तक पहुंचने के लिए कोई सुगम सड़क मार्ग उपलब्ध नहीं है। यहां साइकिल, मोटरसाइकिल अथवा चारपहिया वाहन से पहुंचना संभव नहीं है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए पूरी तरह पैदल रास्ते पर निर्भर रहना पड़ता है।

विषम भौगोलिक परिस्थितियों और कठिन पहुंच मार्ग के बावजूद चिकित्सा दल ने गांव पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। यह पहल दुर्गम क्षेत्र में निवासरत ग्रामीणों तक आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।
24 घरों और 155 की आबादी वाले गांव में स्वास्थ्य सेवाएं
ग्राम मसपूर में कुल 24 घर हैं और यहां की आबादी लगभग 155 है। सघन वन एवं पहाड़ी क्षेत्र में बसे इस गांव में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में विशेष स्वास्थ्य शिविर के आयोजन से ग्रामीणों को अपने गांव में ही स्वास्थ्य जांच, उपचार, टीकाकरण और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने का अवसर मिला। शिविर में लगभग सभी ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
बच्चों की जांच एवं उपचार, गर्भवती माताओं का टीकाकरण
शिविर के दौरान स्कूली बच्चों एवं छोटे बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार जांच और उपचार किया गया। इसके साथ ही ग्रामीणों, बच्चों तथा गर्भवती माताओं का टीकाकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी देते हुए स्वास्थ्य शिक्षा भी प्रदान की। ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, बच्चों की नियमित जांच कराने तथा गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य और टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
शिविर में पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य भी किया गया, जिससे ग्रामीणों को शासन की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिल सके। इस प्रकार शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार, टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण जैसी विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।
खंड चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में पहुंचा चिकित्सा दल
विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भेषज कुमार रामटेके के नेतृत्व में किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी-कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं दीं। इनमें बीपीएम नोमेत कुमार गावड़े, प्रभारी बीईटीओ के. के. सिन्हा, एम.टी.एस. योगेश नागराज, आर.एच.ओ. मेहरू नुरेटी, सी.एच.ओ. सुरेश टेकाम, सुपरवाइजर देवेंद्र कुमार ठाकुर, आर.एच.ओ. (महिला) दीप्ति भुवार्य तथा आर.एच.ओ. द्विवेश देहारी शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत एड़ानार के पूर्व सरपंच सुनील जैन, सरपंच श्रीमती तारोंती वट्टी, चैतराम पोटाई, अनिल वट्टी, सन्तुराम कावड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता से शिविर के आयोजन में सहयोग मिला।
दुर्गम वनांचल तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की सराहनीय पहल
ग्राम मसपूर जैसे पहुंचविहीन पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जहां सामान्य परिस्थितियों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी और कठिन रास्तों का सामना करना पड़ता है, वहीं चिकित्सा दल ने स्वयं गांव पहुंचकर लोगों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराईं।
चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई और दुर्गम वन मार्ग पार कर स्वास्थ्य टीम का गांव तक पहुंचना इस बात को दर्शाता है कि दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए विभागीय अमला प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। इस विशेष स्वास्थ्य शिविर से ग्राम मसपूर के बच्चों, गर्भवती माताओं और अन्य ग्रामीणों को लाभ मिला तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।